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एयरसेल-मैक्सिस: चिदंबरम और कार्ति की गिरफ्तारी पर रोक की अवधि बढ़ी, 8 मार्च तक मिली राहत

न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया | 0
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| फरवरी 18 , 2019 , 14:38 IST

दिल्ली की एक अदालत ने सोमवार को एयरसेल-मैक्सिस सौदे मामले में पूर्व वित्त मंत्री पी. चिदंबरम और उनके बेटे कार्ति चिदंबरम की गिरफ्तारी से अंतरिम सुरक्षा आठ मार्च तक बढ़ा दी। केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) और प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) इस बात की जांच कर रही है कि कार्ति चिदंबरम ने किस प्रकार 2006 में एयरसेल-मैक्सिस सौदे को विदेशी निवेश संवर्धन बोर्ड (एफआईपीबी) की मंजूरी दिलाई। उस समय उनके पिता पी. चिदंबरम वित्तमंत्री थे।

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ईडी ने 25 अक्टूबर 2018 को मामले में आरोपपत्र दाखिल किया था, जिसमें चिदंबरम और कुछ अन्य लोगों के नाम शामिल हैं। सीबीआई ने मामले में 18 लोगों के खिलाफ 19 जुलाई 2018 को दूसरा आरोपपत्र दाखिल किया था।

यह मामला एयरसेल-मैक्सिस सौदे में विदेशी निवेश संवर्धन बोर्ड (FIPB) को मंजूरी दिए जाने में कथित अनियमितताओं से संबंधित है। CBI ने पहले कोर्ट को सूचित किया था कि केंद्र ने पी चिदंबरम एवं कार्ति समेत एयरसे-मैक्सिस मामले में आरोपी पांच लोगों के खिलाफ अभियोग चलाने की मंजूरी दी है। इसमें पूर्व एवं मौजूदा नौकरशाह भी शामिल हैं।

क्या है पूरा मामला

ईडी और CBI ने आरोप लगाया है कि उनके पास 600 करोड़ रुपए तक के प्रोजेक्ट प्रपोजल को मंजूरी देने का अधिकार था। लेकिन पी चिदंबरम ने 3500 करोड़ की एयरसेल-मैक्सिस डील को मंजूरी दे दी। जबकि 600 करोड़ से ऊपर के बड़े प्रोजेक्ट को मंजूरी देने के लिए उन्हें आर्थिक मामलों की कैबिनेट समिति से मंजूरी लेना अनिवार्य था।

जांच एजेंसियों का आरोप है कि पी चिदंबरम ने बतौर वित्त मंत्री पद का दुरुपयोग करते हुए भ्रष्टाचार किया। एयरसेल-मैक्सिस डील केस 3500 करोड़ की एफडीआई की मंजूरी का था। एयरसेल-मैक्सिस एफडीआई मामले में पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम ने कैबिनेट कमेटी ऑन इकोनॉमिक अफेयर्स की मंजूरी के बिना इस डील को मंजूरी दी।


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