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एयरसेल-मैक्सिस डील: कार्ति और पी चिदंबरम की गिरफ्तारी पर रोक 8 अक्टूबर तक बढ़ी

न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया | 0
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| अगस्त 7 , 2018 , 15:54 IST

एयरसेल-मैक्सिस केस में पूर्व मंत्री पी चिदंबरम और उनके बेटे कार्ति चिंदबरम की गिरफ्तारी पर रोक बढ़ गई है। दिल्ला के पटियाला हाउस ने मंगलवार को पी चिदंबरम और कार्ति चिदंबरम की गिरफ्तारी पर रोक 8 अक्टूबर तक बढ़ा दी है। सीबीआई और ईडी के द्वारा गिरफ्तारी पर अंतरिम रोक बढ़ाई गई है। ऐसे में सीबीआई और ईडी इन दोनो को 8 अक्टूबर तक गिरफ्तार नही कर सकेंगी।

जानकारी के मुताबिक, पटियाला हाउस कोर्ट में सुनवाई के दौरान दोनों पक्षों के वकीलों की दलील सुनने के बाद कोर्ट ने गिरफ्तारी पर आठ अक्‍टूबर तक रोक लगा दी है। एयरसेल-मैक्सिस मामला वर्ष 2006 में ग्लोबल कम्युनिकेशन होल्डिंग सर्विसेस लिमिटेड को एयरसेल में निवेश करने के लिए विदेशी निवेश संवर्द्धन बोर्ड से अनुमति दिलाए जाने से जुड़ा है।

आपको बता दें कि ईडी ने कार्ति जबकि सीबीआई ने पी चिदंबरम और कार्ति चिदंबरम के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की थी। इससे पहले सीबीआई ने कोर्ट को बताया था कि 6 सरकारी अधिकारी और सेवानिवृत्त अधिकारियों के खिलाफ केस चलाने की मंजूरी विभागों से ली जा रही है। कोर्ट ने सीबीआई को मंजूर लेने के लिए सुनवाई 4 हफ्ते के लिए टाल दी थी।

बता दें कि चिदंबरम पर एफडीआई के लिए नियमों की अनदेखी कर एयरसेल-मैक्सिस कंपनी को लाभ पहुंचाने का आरोप है। 5 जून 2018 को पी चिंदबरम ईडी के समक्ष पूछताछ के लिए प्रस्तुत हुए थे। 13 जून को ईडी की ओर से फाइल की गई चार्जशीट में पीएमएलए के सेक्शन 4 के अंतर्गत कार्ति की एजेंसी का नाम और चार अन्य लोगों का नाम शामिल किया गया।

एयरसेल-मैक्सिम केस में क्या कहती है चार्जशीट

एयरसेल-मैक्सिस मामले में सीबीआई ने पूर्व वित्तमंत्री पी. चिदंबरम और उनके बेटे कार्ति चिदंबरम को आरोपी बनाते हुए उनके खिलाफ पटियाला हाउस कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की थी। चार्जशीट में कहा गया है कि पी. चिदंबरम ने वित्त मंत्री रहते हुए अपनी पावर का गलत इस्तेमाल किया। उनके खिलाफ आईपीसी की धारा 120B और पीसी एक्ट की धारा 7, 1213(2)के तहत चार्जशीट दाखिल की गई है। दरअसल, इस मामले में कुल 18 लोगों को आरोपी बनाते हुए उनके खिलाफ चार्जशीट दाखिल की गई थी। जबकि ईडी ने कार्ति चिदंबरम के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की थी।

क्या है मामला

पूर्व वित्तमंत्री पी चिदंबरम पर आरोप है कि उन्होंने कथित तौर एयरसेल-मैक्सिस को एफडीआई के अनुमोदन के लिए आर्थिक मामलों की कैबिनेट कमेटी को नजरअंदाज कर दिया था। ED के मुताबिक एयरसेल-मैक्सिस डील में तत्कालीन वित्तमंत्री पी चिदंबरम ने कैबिनेट कमेटी की अनुमति केबिना ही मंजूरी दी थी, जबकि ये डील 3500 करोड़ रुपये की थी। वहीं दूसरी ओर INX मीडिया हेराफेरी मामले में पी चिदंबरम और उनके बेटे कार्ति चिदंबरम पर हेराफेरी करने का आरोप है।


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