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धर्मादेश: राम मंदिर से कम कुछ भी मंजूर नहीं, 2019 से पहले हो निर्माण

न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया | 0
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| नवंबर 4 , 2018 , 18:25 IST

दिल्ली के तालकटोरा स्टेडियम में आयोजत दो दिवसीय धर्मादेश आज समाप्त हो गया। धर्मादेश में स्वामी रामभद्राचार्य ने कहा कि हम अयोध्या में राम मंदिर चाहते हैं। जब सुप्रीम कोर्ट एक आतंकी के लिए आधी रात को खुल सकता है तो फिर धार्मिक आस्था का मामला क्यों टाला जा रहा है। उन्होंने कहा कि कोर्ट का सम्मान है लेकिन राम मंदिर हमारा अधिकार है।

स्वामी रामभद्राचार्य ने कहा कि राम मंदिर या तो अध्यादेश के जरिए बन सकता है या फिर सौहार्दपूर्ण माहौल से बनाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि अब हालात काबू से बाहर हो रहे हैं और हमारा सब्र टूट रहा है।

इस बीच रविवार को धर्मादेश में पहुंचे आध्यात्मिक गुरु श्री श्री रविशंकर ने कहा है कि देश के लाखों लाख लोग चाहते हैं कि अयोध्या में मंदिर बने।

श्री श्री रविशंकर ने धर्मादेश में अयोध्या के साथ-साथ सबरीमाला मंदिर में महिलाओं के प्रवेश का मुद्दा भी उठाया। अयोध्या में सभी पक्षों के बीच मध्यस्थता की कोशिश में जुटे आध्यात्मिक गुरु ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने सबरीमाला पर फैसला दिया है उससे लोगों को दुख हुआ और अयोध्या का फैसला नहीं आया, इसपर भी दुख हुआ।

श्री श्री ने कहा कि संतों को मंदिर की जरूरत नहीं होती है। संत जहां होते हैं मंदिर वहीं होता है, लेकिन आम जनता चाहती है कि मंदिर बने। उन्होंने आगे कहा कि मंदिर के लिए हम प्रयत्न और प्रार्थना, दोनों का ही रास्ता अपनाएंगे। जाहिर तौर पर श्री श्री मध्यस्थता की वकालत करते दिखे।

मोदी सरकार के मंत्रियों ने भी राम मंदिर को लेकर बयानबाजी की है। उमा भारती ने कहा है कि इसके लिए वह हर तरह की मदद को तैयार हैं, वहीं दूसरे केंद्रीय मंत्री पीपी चौधरी सीधे कानून की वकालत कर रहे हैं। कांग्रेस सहित अन्य विपक्षी दलों ने केंद्र सरकार और बीजेपी को इस मसले पर घेरा है।


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