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क्या है IED जिसने ले ली 37 जवानों की जान, जानें कब-कब हुआ इसका इस्तेमाल

न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया | 0
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| फरवरी 16 , 2019 , 14:10 IST

जम्मू कश्मीर के पुलवामा में हुए आतंकी हमले में देश ने अपने 37 जवानों को खोया है। जिसके बाद आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद ने इस हमले में जिम्मेदारी ली जिसके बाद पता चला कि इस वारदात में IED ब्लास्ट किया गया है। ऐसा नहीं है कि देश में IED ब्लास्ट पहली बार हुआ है।

आतंकियों ने इससे पहले भी कई IED के जरिये हमले को अंजाम दिया है लेकिन गोरीपोरा इलाके में सीआरपीएफ के काफिले पर आतंकियों ने IED से हमला किया है ये हमला पिछले 20 सालों का सबसे बड़ा आतंकी हमला माना जा रहा ।

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साल 2016 में पठानकोट इलाके पर हुए हमले में भी बहुत से लोग IED से घायल हुए थे... आइए जानते हैं क्या है ये IED और यह कितना खतरनाक है..?

IED यानी Improvised Explosive Device यह एक तरह के बम होते हैं जो बेहद खतरनाक तरीकों से बनाए जाते हैं। ये सड़कों के किनारे या किसी रास्तों पर दुश्मनों को तितर बितर करने में भी सहायक होते हैं। ऐसे बमों को बड़े कामचलाऊ तरीकों के जरिए देशी स्टाइल में तैयार किया जाता है। इनमें घातक, विषैले, पटाखे बनाने वाले और आग लगाने वाले केमिकल शामिल होते हैं। इन्हें इस तरह से बनाया जाता है कि इसपर पांव पड़ने या गाड़ी का पहिया पड़ने से ही ये फट जाते हैं।

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इसमें घर्षण पैदा करने के लिए नाखून, बॉल बेयरिंग या छोटे कंकड़ डाले जाते हैं। इससे विस्फोट के दबाव की तुलना में ये उड़कर दूर तक नुकसान पहुंचा सकते हैं। इससे लगने वाली घाव को 'डिसमाउंटेड कॉम्प्लेक्स ब्लास्ट इंजरी' कहते हैं जो युद्ध में अब तक की सबसे बुरी चोट मानी जाती है।

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IED का इस्तेमाल भारत में माओवादी और नक्सल लोग ज्यादा करते हैं चुकि ये एक ऐसा हछियार है जो कम खर्च में ज्यादा घातक सिद्ध होता रहा है इसलिए इसका प्रयोग ज्यादातर सैनिको के खिलाफ आतंकी करते रहै हैं...

इससे पहले 6 बार भारत में अलग-अलग जगहों में हुए हमलों में IED का प्रयोग किया जा चुका है...

1)- पठानकोट में 2016 में हुए IED हमलों के दौरान भी बहुत से लोग से घायल हुए थे।

2)- 21 मई 2014 को कुडनकुलम न्यूक्लियर पावर प्लांट पर करीब आधा दर्जन 'कामचलाऊ बम' प्रयोग किए गए थे। तफ्तीश से सामने आया कि ऐसे ही मिलते-जुलते बमों का प्रयोग तमिलनाडु में भी हादसों के दौरान किया गया था।

3)- 17 अप्रैल 2013 को 2 किलो विस्फोटक बंगलुरु के मल्लेश्वरम इलाके में विस्फोट करने के लिए प्रयोग किए गए थे...इससे 16 लोग बुरी तरह से घायल हुए थे। इंटेलिजेंस ब्यूरो ने पाया कि ये विस्फोटक IED था..

4)- 21 फरवरी 2013 को हैदराबाद में हुए हमलों में दो IED बमों का प्रयोग किया गया।था...ये बम हैदराबाद के दिलसुखनगर में फटे थे जो एक भीड़भाड़ वाला हिस्सा है।

5)- 3 जुलाई 2011 को जम्मू-कश्मीर में 3 IED का प्रयोग किया गया था...यह हमले मुंबई में हुए हमलों के साथ ही हुए थे जिनमें 19 लोगों की जान गई थी और 130 लोग घायल हुए थे।

6)- 20 मई 2018 को दंतेवाड़ा में नक्सलियों ने किया IED ब्लास्ट, 6 जवान हुए थे शहीद।


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