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लालू की सजा पर फैसले का दिन, बेल या जाएंगे जेल

न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया | 0
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| जनवरी 3 , 2018 , 09:18 IST

बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव के खिलाफ बुधवार को सीबीआई की विशेष अदालत सजा का ऐलान करेगी। बीते 23 दिसंबर को कोर्ट ने लालू को देवघर चारा घोटाले के एक मामले में दोषी करार दिया है। इसके बाद से वो रांची की जेल में बंद हैं।

लालू प्रसाद को कितने दिनों की सजा मिलेगी, आरजेडी के अंदर इससे आगे की रणनीति तय होगी। आरजेडी उम्मीद कर रहा है कि उन्हें सजा 3 साल से अधिक की नहीं मिले। पार्टी को उम्मीद है कि 3 साल की सजा मिलने पर जमानत जल्द मिल जाएगी।

गौरतलब है कि लालू समेत 16 लोगों को आज सजा सुनाई जाएगी। अदालत ने लालू यादव को धोखाधड़ी, साजिश और भ्रष्टाचार के आरोप में आईपीसी की धारा 420, 120 बी और पीसी एक्ट की धारा 13( 2) के तहत दोषी पाया है। इस मामले में बिहार के पूर्व सीएम जगन्नाथ मिश्रा और ध्रुव भगत समेत 6 लोगों को बरी भी कर दिया गया है।

लालू समेत सभी दोषी सुबह करीब 10.30 बजे अदालत में हाजिर होंगे। लालू के वकील के अदालत से लालू को कम से कम सजा देने की अपील करेंगे, जबकि सीबीआई के वकील ने कहा कि यह भ्रष्टाचार से जुड़ा मामला है और ऐसे में अदालत से अधिकतम सजा देने की गुजारिश की जाएगी।

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लालू के वकील चितरंजन प्रसाद ने बताया कि इस मामले में अगर लालू और अन्य को दोषी ठहराया जाता है तो उन्हें अधिकतम सात साल और न्यूनतम एक साल की कैद की सजा होगी।

हालांकि, सीबीआई अधिकारियों के मुताबिक, इस मामले में गबन की धारा 409 के तहत 10 साल और धारा 467 के तहत आजीवन कारावास की भी सजा हो सकती है। लालू को अगर तीन साल से कम की सजा सुनाई जाती है तो उन्हें तुरंत बेल मिल सकती है जबकि इससे अधिक सजा पर वकीलों के बेल के लिए हाईकोर्ट का रुख करना पड़ेगा।

आरजेडी नेताओं ने कहा कि बुधवार को सजा का ऐलान होने के बाद वे हाई कोर्ट में अपील करेंगे। हालांकि, फिलहाल जो केस की स्थिति है उस हिसाब से लालू प्रसाद का तुरंत जेल से निकल पाना आसान नहीं है। अभी इस केस में सजा मिलने के अलावा चार और केस में कोर्ट का फैसला आना है।

सूत्रों के अनुसार, जनवरी महीने में ही उन सभी मामले में अगर लालू प्रसाद को सजा मिलती गई तो सबमें अलग-अलग सजा मिलेगी और सब में अलग-अलग जमानत लेनी हाेगी। इस सूरत में लालू प्रसाद का 2019 आम चुनाव से पहले बेल मिलना बेहद कठिन है।अगले आम चुनाव में लालू प्रसाद के जेल में रहने से यूपीए को झटका लग सकता है।

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तेजस्वी यादव लालू प्रसाद के उत्तराधिकारी घोषित हो चुके हैं लेकिन अभी तुरंत कार्यकारी अध्यक्ष पार्टी में उन्हें बनाया जाएगा,इसमें संदेह है। पार्टी को तुरंत एक सामूहिक नेतृत्व खड़ी करनी होगी जो पार्टी का कामकाज देख सके। अगले महीने ही बिहार में लोकसभा सीट पर उपचुनाव है और वह सीट आरजेडी की रही थी। ऐसे में उस सीट को बनाए रखना आरजेडी के लिए बेहद चुनौतीपूर्ण हो सकती है।

 


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