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नासा ने लॉन्च किया 'पार्कर सोलर प्रोब', सूर्य के बारे में करीब से पता लगाएगी ये सेटेलाइट

न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया | 0
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| अगस्त 12 , 2018 , 17:17 IST

अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी 'नासा' ने फ्लोरिडा के केप कैनावेरल वायुसेना अड्डे से छोटी कार के आकार के अपने ऐतिहासिक अंतरिक्ष यान 'पार्कर सोलर प्रोब' को सूर्य की सतह का अध्ययन करने के लिए रविवार को लांच कर दिया। अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी ने ट्वीट किया, "3-2-1.. और हमने पार्कर लांच कर दिया। 'हैश सोलरप्रोब' 'एट यूएलए लांच' 'हैश डेल्टा हैवी रॉकेट।"'

पहले इसे शनिवार को लांच किया जाना था। इस अंतरिक्ष यान का नाम पार्कर एक भौतिक विज्ञानी यूजीन पार्कर के नाम पर रखा गया है। यूजीन ने सबसे पहले 1958 में सूर्य से लगातार निकलने वाली आवेशित कणों और चुंबकीय क्षेत्रों की लहर सौर हवा की मौजूदगी का अनुमान लगाया था।

अमेरिका में 'जॉन हॉपकिंस विश्वविद्यालय' की 'अप्लाइड भौतिकी प्रयोगशाला' में मिशन के परियोजना प्रबंधक एंडी ड्रीसमैन ने इससे पहले एक बयान में कहा था, "दुनिया के सबसे शक्तिशाली रॉकेटों में से एक 'युनाइटेड लांच अलाइंस डेल्टा 4 हैवी' के तृतीय चरण की सहायता से 'पार्कर सोलर प्रोब' को मंगल के लिए जरूरी ऊर्जा से 55 गुना अधिक ऊर्जा के साथ सूर्य की तरफ छोड़ा जाएगा। अपेक्षाकृत हल्के अंतरिक्ष यान का वजन मात्र 635 किलोग्राम है।"

'पार्कर सोलर प्रोब' अंतरिक्ष में दीर्घवृत्ताकार कक्षा से जाते हुए सात लाख किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार तक जाएगा, जो कि अंतरिक्ष यान के इतिहास में सर्वाधिक है।

पार्कर सोलर प्रोब का लक्ष्य अपने सात साल के मिशन में कोरोना के 24 चक्कर लगाने का है। इस यान में लगे उपकरण कोरोना के विस्तार और सौर वायु का अध्ययन करेंगे, जिसे 1958 में भौतिकशास्त्री यूजन पार्कर ने परिभाषित किया था। 91 वर्ष के हो चुके यूजन पार्कर पुराने समय को याद करते हुए कहते हैं कि पहली बार में कुछ लोगों ने उनकी थ्योरी पर यकीन नहीं किया लेकिन 1962 में नासा के मैरिनर 2 यान की लांचिंग के बाद उनकी बात सही साबित हुई। यह पहला रोबोट अंतरिक्षयान जिसने ग्रहों की परिक्रमा की थी।

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