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आंदोलन के आगे झुकी सरकार, अन्ना हजारे ने 7 दिन बाद तोड़ा अनशन

न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया | 0
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| मार्च 29 , 2018 , 18:41 IST

सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे ने केंद्र सरकार द्वारा उनकी मांगें माने जाने के बाद गुरुवार को अपनी अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल समाप्त कर दी। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और केंद्रीय कृषि राज्यमंत्री गजेंद्र शेखावत ने गुरुवार शाम हजारे से मुलाकात कर केंद्र सरकार द्वारा उनकी मागें स्वीकार करने की सूचना दी।

अनशन खत्म करते हुए अन्ना हजारे ने बताया कि लोकपाल नियुक्त नहीं हुआ है सरकार ने कहा है कि जल्दी ही इसको नियुक्त करेंगे। लोकपाल कानून को जो धारा कमजोर करती है सरकार उसको भी वापस ले लेगी। सरकार किसानों को खर्च के आधार पर 1.5 गुना दाम देने को राजी हो गई है।

बीते शुक्रवार को उपवास पर बैठे हजारे ने गुरुवार को उपवास तोड़ने के बाद कहा कि सरकार ने उनकी मांगों के क्रियान्वयन की कोई समयसीमा नहीं बताई है। इसलिए अगर छह महीने में कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो वह सितंबर में फिर से भूख हड़ताल करेंगे।

रामलीला मैदान में सक्षम किसान, सशक्त लोकपाल और चुनाव सुधार की मांगों को लेकर छह दिन से अनशन कर रहे समाजसेवी अन्ना हजारे की तबीयत बुधवार को बेहद नाजुक हो गई थी। छह दिन में उनका साढ़े पांच किलो वजन घट गया था।

बोलने में दिक्कत के चलते वह शाम को समर्थकों को संबोधित भी नहीं कर पाए थे। डॉक्टरों की टीम ने अन्ना को आराम कक्ष में रहने की सलाह दी थी।

अन्ना के मंच पर फेंका गया जूता:

अन्ना के मंच में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस का अपमान हुआ है। गुरुवार को अन्ना के मंच में उन पर जूता फेंकने की कोशिश हुई। अच्छी बात थी कि जूता दूसरी ओर जाकर गिरा। फडणवीस इस हमले में बाल-बाल बचे। वह इस दौरान सभा में लोगों को संबोधित कर रहे थे।


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