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अन्ना हजारे ने पीएम मोदी को चिट्ठी लिख कर कहा- लोकपाल पर फिर करूंगा आंदोलन

icon अमितेष युवराज सिंह | 0
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| अगस्त 30 , 2017 , 19:31 IST

समाजसेवी अन्ना हजारे एक बार फिर सुर्ख़ियों में हैं। दरअसल अन्ना हजारे नरेंद्र मोदी सरकार से नाराज हो गए हैं। लोकपाल नियुक्त ना किए जाने पर उन्होंने पीएम मोदी को चिठ्ठी लिखी है जिसमें उन्होंने नाराज़गी ज़ाहिर की है। इस चिठ्ठी में कहा गया है कि सरकार ने लोकपाल के मुद्दे पर कोई कदम नहीं उठाया। इसलिए वो फिर दिल्ली की रामलीला मैदान में सत्याग्रह करेंगे। हालांकि, अन्ना के इस लेटर में ये नहीं बताया गया है कि वो किस तारीख से अनशन करेंगे।

उन्होंने लिखा है, आपकी सरकार के सत्ता में आने के बाद से 2014 में 28 अगस्त और 18 अक्टूबर को उसके बाद 1 जनवरी 2015, 1 जनवरी 2016, 19 जनवरी 2017, 28 मार्च 2017 और 30 अगस्त 2017 को हमने लगातार पत्राचार किया, पर आपकी तरफ से ना तो कोई जबाव आया, न ही कोई कार्रवाई की गई।

अन्‍ना ने प्रधानमंत्री को भेजे पत्र में लिखा है कि उनका विरोध मोदी सरकार के खिलाफ होगा। उन्होंने कहा है कि उस ऐतिहासिक आंदोलन को 6 साल पूरे हो गए हैं जिसके माध्यम से लोगों में भ्रष्टाचार मुक्त भारत का सपना जगा था। लेकिन इतने साल बाद भी सरकार ने लोकायुक्त नियुक्ति को लेकर कोई कदम नहीं उठाया।

उन्होंने आगे लिखा है कि वो अपने अगले पत्र में आंदोलन का दिन और तारीख लिखकर भेजेंगे। अन्ना ने आगे लिखा है कि सत्ता में आने के तीन साल बाद भी लोकपाल और लोकायुक्त की नियुक्ति को लेकर कोई जवाब नहीं मिला। मैंने आपको याद दिलाने के लिए कई पत्र लिखे जिनका जवाब मुझे नहीं मिला।

जिन राज्यों में आपकी सरकारे हैं वहां भी लोकायुक्त नियुक्त नहीं किए गए। जो दिखाता है कि आपमें लोकपाल कानून पर अमल करने की इच्छशक्ति का अभाव है। मैंने अपने अंतिम पत्र में लिखा था कि लोकपाल और लोकायुक्त कानून पर अमल नहीं होता तो मेरा अगला पत्र आंदोलन की जानकारी को लेकर होगा। अब मैंने फिर से दिल्ली में आंदोलन का निर्णय किया है।

अन्‍ना ने शिकायती लहजे में कहा कि सरकार ने किसानों को उनकी उपज का वाजिब दाम दिलाए जाने का भी इंतजाम नहीं किया।

अन्‍ना ने चेताया है कि जब तक जनहित में इन चीजों पर अमल नहीं होता, तब तक वे दिल्‍ली में आंदोलन जारी रखेंगे।

आपको बता दें कि अन्‍ना हजारे ने अगस्‍त, 2011 में दिल्‍ली के रामलीला मैदान में आंदोलन की अगुवाई की थी। इसके बाद 27 अगस्त, 2011 को देश की संसद में 'Sense of the House' से रेजॉल्‍यूशन पास किया गया था। इसमें केंद्र में लोकपाल, हर राज्यों में लोकायुक्त और सिटिजन चार्टर ऐसे महत्त्वपूर्ण मुद्दों पर जल्द से जल्द कानून बनाने का निर्णय किया गया था।

अन्‍ना ने इस बात पर निराशा जाहिर की है कि 6 साल बीत जाने के बाद भी भ्रष्टाचार को रोकने वाले कानून पर अमल नहीं हो पाया।


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अमितेष युवराज सिंह

लेखक न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया में असिस्टेंट एग्जीक्यूटिव एडिटर हैं

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