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J&K के शिक्षा मंत्री ने कहा- आर्मी चीफ शिक्षाविद् नहीं, वो हमें उपदेश मत दें

सतीश वर्मा, न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया | 0
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| जनवरी 13 , 2018 , 19:49 IST

आर्मी चीफ जनरल विपिन रावत ने पिछले दिनों जम्मू-कश्मीर के एजुकेशन सिस्टम में सुधार लाने का सुझाव दिया था। इस पर राज्य के शिक्षा मंत्री अल्ताफ बुखारी ने शनिवार को आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि वे इस फील्ड के जानकार तो नहीं हैं, इसलिए उन्हें इस बारे में कोई उपदेश नहीं देना चाहिए।

बुखारी ने कहा- "यह राज्य का मामला है और हम जानते हैं कि एजुकेशन सिस्टम को कैसे चलाना है? बता दें कि आर्मी चीफ ने यह बात घाटी में युवाओं को गलत जानकारी देकर रेडिकलाइज बनाने को लेकर कही थी। अल्ताफ बुखारी ने कहा- "आर्मी चीफ एक सम्मानीय अफसर हैं। मेरा मानना है कि वे शिक्षाविद् नहीं इसलिए उन्हें शिक्षा पर उपदेश नहीं देना चाहिए। यह राज्य का मामला है। हमें पता है कि यह हमारे एजुकेशन सिस्टम को कैसे चलाना है। उन्होंने कहा- "राज्य में दो नक्शे हैं; जम्मू-कश्मीर और भारत का संविधान। हरेक स्कूल के पास स्टेट मैप है, इसलिए राज्य के बारे में पढ़ाने की जरूरत है।

आर्मी चीफ ने क्या कहा था

विपिन रावत ने शुक्रवार को जम्मू-कश्मीर के एजुकेशन सिस्टम में सुधार करने का सुझाव दिया था। उन्होंने कहा- "राज्य में सोशल मीडिया, कुछ मस्जिद और मदरसों के जरिए युवाओं के बीच गलत जानकारियां फैलाने का कैम्पेन चल रहा है। इसका मकसद उन्हें रेडिकलाइज करना है। इसे देखते हुए मदरसों और मस्जिदों पर कुछ कंट्रोल होना चाहिए। अगर सरकार एजुकेशन सिस्टम में सुधार करेगी तो इस समस्या से निपटा जा सकता है। इसमें बेसिक गड़बड़ियां हैं।

कश्मीर के स्कूलों में दो नक्शे क्यों

आर्मी डे मौके पर प्रेस कॉन्फ्रेंस में जनरल विपिन रावत ने कहा था कि युवाओं के रेडिकलाइजेशन को रोकने के लिए गलत जानकारियों को फैलने से रोका जाए। पत्थरबाजी में शामिल रहे काफी युवा स्कूलों से थे। इसलिए एजुकेशन सिस्टम में सुधार की जरूरत है। सरकार एजुकेशन सिस्टम में थोड़ा बदलाव करें। अगर आप कश्मीर के किसी भी स्कूल में जाएंगे तो आपको सभी क्लास रूम में दो नक्शे मिलेंगे। एक भारत और दूसरा जम्मू-कश्मीर का। दूसरे मैप की जरूरत क्या है?


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