नेशनल

देश की इकोनॉमी मजबूत, 3 साल में भारत दुनिया में आगे बढ़ा: जेटली

सतीश वर्मा, न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया | 0
689
| अक्टूबर 24 , 2017 , 17:48 IST

वित्त मंत्री अरुण जेटली ने नोटबंदी और जीएसटी पर विपक्ष के हमले के बाद डैमेज कंट्रोल के तहत एक मंगलवार को प्रेस कांफ्रेस को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि देश की आर्थिक स्थिति काफी मजबूत है। पिछले 3 सालों के अंदर आर्थिक मोर्चे पर भारत लगातार बेहतर कर रहा है। हम पिछले 3 सालों के अंदर दुनिया में सबसे तेज बढ़ने वाले इकोनोमी में शामिल हुए हैं।

उन्होंने कहा कि देश की बुनियादी अर्थव्यवस्था बेहद मजबूत है और हम चुनौतियों से निपटने के लिए तैयार हैं। जेटली ने कहा कि फैसलों के लिए सरकार जिम्मेदार भी है और तैयार भी।

इकोनॉमी का रिव्यू हुआ

जेटली ने कहा, "पिछले महीने मैं जब आपसे मिला था, खासतौर पर तब जब पिछले क्वॉर्टर के नतीजे आए थे। इनके लिए हम जिम्मेदार और तैयार हैं। पिछले कुछ हफ्तों में अर्थव्यवस्था पर सरकार के अंदर काफी रिव्यू हुए। पीएम के साथ डीटेल मीटिंग हुई।

फैसलों का असर भविष्य में दिखता है

वित्त सचिव सुभाष गर्ग ने कहा कि तीन साल से भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ने वाली इकोनॉमी रहा है। हम चाहते हैं ये जारी रहे। स्वाभाविक है कि जब कुछ नया होता है तो उसके नतीजे दिखते हैं। फ्यूचर में फैसलों के लाभ होते हैं। देश का इकोनॉमी का ढांचा मजबूत है। कहां-कहां इसे बूस्ट करने की जरूरत है और देश की जो आर्थिक क्षमता है, वो भी हमने तय किया है। इसकी प्रेजेंटेशन दी जाएगी।

पॉलिसी और प्रोग्राम्स आम आदमी के लिए

फाइनेंस सेक्रेटरी अशोक लवासा ने कहा, "सरकार ने अपनी पॉलिसीज और प्रोग्राम्स में ऐसी सुविधाएं बढ़ाने की कोशिश की है जिससे आम आदमी को लाभ मिले। पिछली तीन या चार सालों में सरकार की पब्लिक इन्वेस्टिंग 11.47 लाख करोड़ है। पिछले साल के मुकाबले ये 1.2 लाख करोड़ ज्यादा है। 2017-18 के लिए यह 31.28 लाख करोड़ है। ये पिछले साल से 3 लाख करोड़ ज्यादा है। पेयजल, हेल्थ और सिंचाई पर काफी खर्च किया है।

हमारा फोकस 5 सेक्टर्स पर

हमने पांच सेक्टर्स पर फोकस किया है। रोड बिल्डिंग सबसे अहम है। आने वाले सालों में 34 हजार 800 किलोमीटर लंबे रोड बनाए जाएंगे। टारगेट पांच साल का है। इससे 14 करोड़ लोगों के लिए रोजगार के मौके बनेंगे। 5 लाख 35 हजार करोड़ रुपए खर्च होंगे। इसमें फीडर रोड भी होंगी, जो करीब 6 हजार किमी की होगी। इसके अलावा 5 हजार किमी के कुछ और रोड बनाए जाएंगे। बॉर्डर रोड और इंटरनेशनल कनेक्टिविटी सामने आएगी। कोस्टल कनेक्टिविटी पर भी फोकस है। इसमें भूटान और नेपाल जैसे दूसरे देशों से कारोबार बढ़ाना शामिल है।

नॉर्थ ईस्ट बिजनेस बूस्ट के लिए स्टेप लिए

फाइनेंस सेक्रेटरी ने कहा, "नॉर्थ ईस्ट से नेपाल, बांग्लादेश और भूटान तक कारोबार करने के लिए नए स्टेप लिए जा रहे हैं। यहां ज्यादातर कारोबार रोड के जरिए होता है। यहां 3,300 किलोमीटर रोड बनाए जाएंगे। पहले फेस में एक हजार किलोमीटर रोड बनाए जाएंगे। 2100 किमी. कोस्टल कनेक्टिविटी को टूरिज्म के लिहाज से डेवलप किया जाएगा।

NPA 4,55 हजार करोड़ रुपए बढ़ा

फाइनेंस मिनिस्ट्री ने जो आंकड़े पेश किए, उनके मुताबिक- मार्च 2015 में NPA 2,78, 000 करोड़ रुपए था। जून 2015 में ये 7,33,000 करोड़ रुपए हो गया। NPA में 4,55,000 करोड़ रुपए की बढ़ोतरी हुई। बैंकों की मदद के लिए सरकार ने साढ़े तीन साल में 58848 करोड़ रुपए का कैपिटल इन्फ्यूजन किया।

बैंकों को बड़ी मदद

बैंकों को मौजूदा हालात से उबारने, उन्हें मजबूत करने और NPAs से निपटने के मकसद से सरकार ने पब्लिक सेक्टर बैंकों को 2 लाख 11 हजार करोड़ रुपए की अभूतपूर्व मदद देने का फैसला किया है। इसमें से 1.35 लाख करोड़ रुपए रीकैप बॉन्ड्स के रूप में दिए जाएंगे। वहीं, 76 हजार करोड़ रुपए की मदद बजटरी सपोर्ट और मार्केट रेजिंग के रूप में मिलेगी। उम्मीद है कि इससे नौकरियों के मौके बढ़ेंगे। ग्रोथ बढ़ेगी और इन्वेस्टमेंट्स बढ़ाने में मदद मिलेगी।"

राहुल के गब्बर सिंह टैक्स पर दिया जवाब

राहुल ने जीएसटी को गब्बर सिंह टैक्स कहा था। इस पर सवाल पूछा गया तो जेटली बोले- जिन लोगों को 2जी और कोलगेट की आदत पड़ी हुई थी। उन्हें यह सब कानूनी और सही नहीं लगेगा।

GST से पॉजिटिव संकेत मिले

72 लाख लोग पुराने सिस्टम से GST में आए। 28 लाख लोग नए जुड़े हैं। कुल रजिस्ट्रेशन एक करोड़ से ज्यादा हो गया है। पहले तीन महीनों में रजिस्ट्रेशन 30-35% बढ़ता है तो ये पॉजिटिव संकेत हैं। अभी ट्रांजैक्शन फेज है। कुछ और वक्त लगेगा, लेकिन 93-94 हजार करोड़ रुपए का टैक्स कलेक्शन तीन महीनों में मेंटेन है। पहले महीने 56 लाख ने रिटर्न भरा। हर महीने ये संख्या बढ़ती जाएगी।


कमेंट करें