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GST का 12-18% स्लैब खत्म कर लाई जाएगी नई मानक दर: अरुण जेटली

न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया | 0
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| दिसंबर 25 , 2018 , 09:55 IST

केंद्रीय वित्तमंत्री अरुण जेटली ने सोमवार को संकेत दिया कि देश में अंतत: 12 व 18 फीसदी वाले स्लैब के विलय से एकल मानक दर वाली जीएसटी हो सकती है। जेटली ने यह भी कहा कि लक्जरी व 'सिन गुड्स' को छोड़कर 28 फीसदी का स्लैब जल्द ही समाप्त कर दिया जाएगा।

उन्होंने कहा कि देश में आखिरकार वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) की एक संरचना होनी चाहिए, जिसमें शून्य, पांच फीसदी के स्लैब होने चाहिए और अपवाद के तौर पर लक्जरी व सिन गुड्स के लिए एक मानक दर होनी चाहिए।

जेटली ने एक फेसबुक पोस्ट में कहा, "12 फीसदी व 18 फीसदी के दो मानक दरों के बजाय एकल मानक दर के लिए भविष्य के रोडमैप पर कार्य करना बेहतर हो सकता है। यह दर दो के बीच की हो सकती है, स्पष्ट तौर पर इसमें पर्याप्त समय लगेगा, जब कर में खास तौर से वृद्धि होगी।"

28 फीसदी के सबसे अधिक कर स्लैब के संदर्भ में जेटली ने कहा कि जीएसटी में सुधार पूरे होने के साथ हम दरों को युक्तिसंगत बनाने के पहले सेट को पूरा करने के करीब हैं, अर्थात लक्जरी व सिन गुड्स के स्लैब को छोड़कर हम 28 फीसदी की दर को धीरे-धीरे बाहर कर रहे हैं।

उन्होंने कहा, "28 फीसदी स्लैब को खत्म किया जा रहा है, आज के दिन में तंबाकू उत्पादों व कुछ लक्जरी वस्तुओं को छोड़कर करीब सभी वस्तुओं को 28 फीसदी के स्लैब से स्थानांतरित करके 18 से 12 फीसदी के स्लैब में कर दिया गया है।"

जेटली ने कहा, "सीमेंट व वाहनों के कलपुर्जे आम इस्तेमाल की वस्तुएं हैं, जो 28 फीसदी के स्लैब में हैं। हमारी अगली प्राथमिकता सीमेंट को निचले स्लैब में करने की होगी। बाकी सभी निर्माण सामग्रियों को पहले ही 18 व 12 फीसदी के स्लैब में स्थानांतरित किया जा चुका है.. 28 फीसदी स्लैब अब जल्द ही खत्म होने वाला है।"

कांग्रेस व दूसरी विपक्षी पार्टियों पर हमला करते हुए जेटली ने कहा कि जीएसटी की उनकी आलोचना विषयवस्तु की कम समझ को दिखाती है। उन्होंने कहा कि जीएसटी से पहले की व्यवस्था में बड़ी संख्या में वस्तुओं पर अत्यधिक कर था और कांग्रेस से विरासत में 31 फीसदी का अप्रत्यक्ष कर हमें मिला था।


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