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RBIVsGovt: खींचतान के बीच बोले जेटली- नहीं चाहिए रिजर्व बैंक का पैसा

icon अमितेष युवराज सिंह | 0
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| नवंबर 25 , 2018 , 14:05 IST

सरकार और आरबीआई के बीच बीच चल रहे खिचातानी पर वित्त मंत्री अरूण जेटली ने राजकोषीय घाटे को लेकर एक बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि इस घाटे को कम करने के लिए हमें रिजर्व बैंक या किसी और संस्था से कोई अतिरिक्त पैसा नहीं चाहिए। हालांकि अरुण जेटली ने यह जरूर कहा कि रिजर्व बैंक के पूंजी ढांचे के लिये जो भी नई रूप रेखा बनेगी और उससे जो अतिरिक्त कोष प्राप्त होगा, उसका इस्तेमाल भविष्य की सरकारें आने वाले सालों में गरीबी उन्मूलन कार्यक्रमों में कर सकतीं हैं।

बता दें कि एक निजी न्यूज चैनल को दिए इंटरव्यू में वित्त मंत्री ने कहा कि हमें अपने राजकोषीय घाटे के लक्ष्य को पाने के लिये अन्य संस्थाओं से किसी तरह के अतिरिक्त पैसे की आवश्यकता नहीं है। मैं इसे स्पष्ट करना चाहता हूं कि सरकार की इस तरह की कोई मंशा नहीं है। हम यह भी नहीं कह रहे हैं कि अगले छह माह में हमें कुछ पैसा दीजिये। क्योंकि हमें इसकी जरूरत ही नहीं है। रिजर्व बैंक के कोष पर सरकार की नजर होने की बात को लेकर हो रही आलोचना पर जेटली ने कहा कि पूरी दुनिया में केन्द्रीय बैंक के पूंजी ढांचे की एक रूप रेखा तय होती है।

हालांकि केन्द्रीय बैंक द्वारा रखी जाने वाली आरक्षित राशि तय करने का प्रावधान किया जाता है। हम केवल यही कह रहे हैं कि इस बारे में कुछ चर्चा होनी चाहिये, कुछ नियम होने चाहिये जिसके तहत रिजर्व बैंक के लिये पूंजी ढांचे की रूपरेखा तय हो। उन्होंने कहा कि ऐसे में जो अधिशेष राशि होगी उसका इस्तेमाल भविष्य की सरकारें अगले कई वर्षों तक गरीबी उन्मूलन कार्यक्रमों के लिये कर सकती हैं। रिजर्व बैंक के केन्द्रीय बोर्ड ने इस माह हुई अपनी बैठक में रिजर्व बैंक के आर्थिक पूंजी ढांचे की रूप रेखा (ईसीएफ) तय करने के लिये एक उच्चस्तरीय विशेषज्ञ समिति बिठाने का फैसला किया है।

यह समिति केन्द्रीय बैंक के पास रहने वाली आरक्षित पूंजी का उचित स्तर के बारे में सुझाव देगी। समझा जाता है कि रिजर्व बैंक के पास इस समय 9.59 लाख करोड़ रुपये का भारी भरकम कोष रखा है।

गौरतलब है कि कुछ दिन पहले सरकरा के एक नए फैसले की वजह से आरबीआई और सरकार के बीच सुलह की संभावना कम बताई जा रही थी। केंद्र सरकार के नए प्रस्ताव के बाद इसकी संभावना अब कम ही दिख रही है।


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अमितेष युवराज सिंह

लेखक न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया में असिस्टेंट एग्जीक्यूटिव एडिटर हैं

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