राजनीति

राहुल गांधी का बड़ा सवाल- जेटली बताएं खुद भगाया माल्या को या ऊपर से ऑर्डर था!

न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया | 0
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| सितंबर 13 , 2018 , 14:23 IST

कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने अरुण जेटली पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने निशाना साधते हुए कहा कि जेटली जी ब्लॉग लिखते रहते हैं, लेकिन कभी विजय माल्या से मिलने के बारे में देश को नहीं बताया। गुरुवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में राहुल गांधी ने कहा कि अरुण जेटली ने कहा कि विजय माल्या ने अनौपचारिक तरीके से अप्रोच किया था पर सवाल यह है कि उन्होंने अबतक क्यों छिपाया। उन्होंने कहा कि आज हम सबूत लाए हैं और वह सबूत हैं पीएल पुनिया, जिन्होंने संसद में माल्या-जेटली की मुलाकात देखी थी।

1 मार्च 2016 को पुनिया ने क्या देखा?

इसके बाद पीएल पुनिया ने बताया, 'बजट सत्र के बाद 1 मार्च 2016 को मैं संसद के सेंट्रल हॉल में बैठा था तभी मैंने देखा कि अरुण जेटली और विजय माल्या खड़े होकर कोने में अंतरंग बातें कर रहे थे।' पुनिया ने दावा किया कि 5-7 मिनट के बाद सेंट्रल हॉल में बेंच पर भी दोनों बात करते दिखे थे। कांग्रेस नेता की ओर से यह भी कहा गया कि माल्या उस सत्र में पहली बार उसी दिन जेटली से मिलने ही आए थे।

पुनिया ने कहा कि 3 तारीख को जब मीडिया में माल्या के विदेश भागने की खबर छपी तो मेरा रिएक्शन यही था कि 2 दिन पहले ही वह अरुण जेटली से तो मिले थे। कांग्रेस के नेता ने कहा, 'कई बार मैंने उस मुलाकात का जिक्र भी किया था। जेटली ढाई साल तक इस पर रहस्य बनाए रहे, कई बार संसद में कई बार डिबेट हुई पर उन्होंने कभी भी जिक्र नहीं किया कि वह माल्या से मिले थे।' उन्होंने कहा कि यह मुलाकात छोटी नहीं बड़ी थी।

'जेटली से सलाह लेकर भागा माल्या'

पुनिया ने जेटली को चुनौती देते हुए कहा कि सेंट्रल हॉल में सीसीटीवी लगे हैं, 1 तारीख की फुटेज निकालकर देख ली जाए, जो झूठ बोल रहा हो वह राजनीति छोड़ दे। पुनिया ने कहा कि देश के विश्वास पर हमला किया गया है। राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि इस मुलाकात से स्पष्ट है कि विजय माल्या देश के वित्त मंत्री अरुण जेटली से अनुमति लेकर और सलाह लेकर देश से गए हैं।

राहुल के दो गंभीर सवाल

राहुल गांधी ने कहा कि पहला सवाल यह है कि वित्त मंत्री आरोपी से बात करते हैं लेकिन वित्त मंत्री ने न सीबीआई को बताया, न ईडी को और न पुलिस को। इतना ही नहीं, माल्या के लिए जो अरेस्ट नोटिस था उसे सूचना नोटिस में किसने बदला। दूसरा सवाल यह है कि जेटली को बताना चाहिए कि उन्होंने अपने से यह फैसला किया या ऊपर से आदेश मिला था।


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