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महापरिनिर्वाण दिवस: पढ़िए, डॉ. बीआर आंबेडकर के 10 विचार

दीपक गुप्ता, न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया | 0
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| दिसंबर 6 , 2018 , 09:46 IST

भारत रत्न डॉ. बीआर आंबेडकर का आज 63वां महापरिनिर्वाण दिवस है। पूरे देश में बाबा साहेब का महापरिनिर्वाण दिवस मनाया जा रहा है। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने संसद भवन प्रांगण में स्थापित बाबा साहेब की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की।

63वें महापरिनिर्वाण दिवस के मौके पर उप राष्ट्रपति वेंकैया नायडू, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी बाबा साहेब को संसद भवन में श्रद्धांजलि अर्पित की। बाबा साहब को याद करते हुए नायडू ने कहा कि देश हमेशा संविधान के वास्तुकार का आभारी रहेगा। उनका ज्ञान हर वक्त हमारा मार्गदर्शन करता रहेगा। पीएम मोदी ने महापरिनिर्वाण दिवस पर एक वीडियो भी ट्वीट किया है।

 

डॉ. बीआर आंबेडकर के 10 विचार

  1. जीवन लम्बा होने के बजाय महान होना चाहिए।
  2. बुद्धि का विकास मानव के अस्तित्व का अंतिम लक्ष्य होना चाहिए।
  3. मैं ऐसे धर्म को मानता हूं जो स्वतंत्रता, समानता और भाईचारा सिखाता है।
  4. हिन्दू धर्म में विवेक, कारण और स्वतंत्र सोच के विकास के लिए कोई गुंजाइश नहीं है।
  5. यदि मुझे लगा कि संविधान का दुरुपयोग किया जा रहा है, तो मैं इसे सबसे पहले जलाऊंगा।
  6. समानता एक कल्पना हो सकती है, लेकिन फिर भी इसे एक गवर्निंग सिद्धांत रूप में स्वीकार करना होगा।
  7. यदि हम एक संयुक्त एकीकृत आधुनिक भारत चाहते हैं तो सभी धर्मों के शास्त्रों की संप्रभुता का अंत होना चाहिए। 
  8. समानता एक कल्पना हो सकती है, लेकिन फिर भी इसे एक गवर्निंग सिद्धांत रूप में स्वीकार करना होगा।
  9. जब तक आप सामाजिक स्वतंत्रता नहीं हासिल कर लेते,कानून आपको जो भी स्वतंत्रता देता है वो आपके लिये बेमानी है।
  10. इतिहास बताता है कि जहां नैतिकता और अर्थशास्त्र के बीच संघर्ष होता है, वहां जीत हमेशा अर्थशास्त्र की होती है। निहित स्वार्थों को तब तक स्वेच्छा से नहीं छोड़ा गया है, जब तक कि मजबूर करने के लिए पर्याप्त बल न लगाया गया हो।

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