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जस्टिस लोया की मौत की जांच चाहते हैं उनके चाचा, बोले- अनुज ने दबाव में दिया होगा बयान

सतीश वर्मा, न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया | 0
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| जनवरी 16 , 2018 , 18:27 IST

जस्टिस बृजगोपाल हरकिशन लोया की मौत को लेकर परिवार में ही मतभेद है। जस्टिस लोया के बेटे अनुज लोया ने कहा था कि उनके पिता की मौत संदिग्ध परिस्थितियों में नहीं हुई थी। जबकि जस्टिस लोया के चाचा श्रीनिवास लोया ने कहा है कि जस्टिस लोया के मौत की जांच होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि अनुज बहुत छोटा है और उसने दबाव में आकर यह बयान दिया होगा।

बेटे अनुज लोया ने कहा था- हमारा किसी पर आरोप नहीं

बता दें कि गुजरात के बहुचर्चित सोहराबुद्दीन शेख और तुलसीराम प्रजापति फर्जी एनकाउंटर मामले की सुनवाई कर रहे सीबीआई की विशेष अदालत के दिवंगत न्यायाधीश बृजगोपाल हरकिशन लोया की कथित रहस्यमय मौत को लेकर उठ रहे सवालों के बीच उनके बेटे अनुज लोया ने रविवार (14 जनवरी) को प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कहा कि उनके पिता की मौत संदिग्ध परिस्थितियों में नहीं हुई। उनकी मौत हार्ट अटैक से हुई थी।

उन्होंने कहा कि पिता की मौत को लेकर हमारा किसी पर आरोप नहीं है। अनुज ने कहा कि, ‘चूंकि मुझे किसी पर शक नहीं इसलिए मुझे इस मामले में जांच की जरूरत ही नहीं है।

जस्टिस लोया के चाचा ने कहा- अनुज ने दवाब में दिया बयान

द कारवां पत्रिका से बातचीत में चाचा श्रीनिवास लोया ने कहा है कि जज के बेटे अनुज लोया अभी “बहुत जवान” है और 21 वर्षीय अनुज ने जब प्रेस को संबोधित कर रहा था को शायद वह दबाव में था। उन्होंने कहा कि अनुज ने दबाव में बयान दिया होगा। बता दें कि जस्टिस लोया ने बेटे अनुज ने कहा कि परिवार को किसी पर शक नहीं है और निवेदन किया कि उनके परिवार को परेशान करना बंद किया जाना चाहिए।

श्रीनिवास ने कहा कि इस मामले की जांच होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि रिश्तेदार के रूप में नहीं बल्कि यदि आप मुझसे एक नागरिक के रूप में पूछते हैं तो मेरा विचार है कि सर्वोच्च न्यायालय में शुरू की गई जांच को आगे बढ़ना चाहिए। यह एक नागरिक के रूप में मेरा निजी दृष्टिकोण है।

जस्टिस लोया की मौत की सुनवाई करने वाले जज के संबंध बीजेपी से!

बता दें कि सुप्रीम कोर्ट के चार वरिष्ठ जजों की ओर से चीफ जस्टिस पर केसों के आवंटन में पक्षपात का आरोप लगाए जाने के बाद सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ वकील दुष्यंत दवे ने सनसनीखेज आरोप लगाया है। ‘बार एंड बेंच’ वेबसाइट की रिपोर्ट के मुताबिक दवे ने सुप्रीम कोर्ट के जज पर सनसनीखेज आरोप लगाते हुए कहा है कि सीबीआई के विशेष जज रहे जस्टिस बीएच लोया की रहस्यमय मौत के मामले की सुनवाई करने वाले जस्टिस अरुण मिश्रा के बीजेपी के शीर्ष नेताओं से करीबी संबंध हैं।

दवे ने कहा है कि, ‘हर कोई जानता है कि जस्टिस अरुण मिश्रा के बीजेपी और शीर्ष राजनेताओं के साथ करीबी संबंध हैं।’ यही नहीं उन्होंने कहा कि जस्टिस अरुण मिश्रा को लोया केस की सुनवाई नहीं करनी चाहिए। वहीं, जस्टिस लोया केस की संदिग्ध मौत की जांच की मांग करने वाले याचिकाकर्ताओं में से एक तहसीन पूनावाला ने भी वकील दवे से सहमति जताई है।

इन सवालों के जवाब अभी भी है अनसुलझे

1. जस्टिस लोया के बेटे अनुज लोया ने अपने प्रेस कांफ्रेस के लिए अभी का ही वक्त, स्थान और तारीख क्यों चुना?

2. क्या अनुज लोया ने अपने इच्छानुकूल प्रेस कांफ्रेस बुलाया था?

3. अनुज लोया के प्रेस कांफ्रेस में बीजेपी नेता हितेश जैन क्यों आए थे

4. अनुज लोया ने प्रेस कांफ्रेस में पत्रकारों के सवाल का जवाब क्यों नहीं दिया

5. अनुज लोया और जस्टिस लोया के बयानों में अंतर क्यों है

6. अनुज लोया के प्रेस कांफ्रेस में रिटायर्ड जिला जज केबी काटकार क्यों आए थे

7. अगर जस्टिस लोया की मौत प्राकृतिक है तो फिर न्यायिक जांच से डर क्यों

8. रिटायर्ड जिला जज काटकर के मुताबिक अगर जस्टिस लोया की मौत नेचुरल है तो फिर जस्टिस लोया के गर्दन और शर्ट के पीछे खून के धब्बे क्यों थे

9. पोस्टमार्टम के बाद भी जस्टिस लोया के चश्मे उनके शरीर में क्यों फंसे हुए थे

10. जस्टिस लोया की बहन ने मीडिया को क्यों कहा कि क्यों उनके भाई जस्टिस लोया के पैंट में लगी बेल्ट उल्टी दिशा में बंधी थी और उनके पैंट का क्लिप टूटा हुआ था


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