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SC-ST एक्ट के विरोध में सवर्णों का भारत बंद, बिहार में आगजनी, MP के सभी जिलों में हाई अलर्ट

न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया | 0
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| सितंबर 6 , 2018 , 10:57 IST

सुप्रीम कोर्ट के फैसले में बदलाव कर नया कानून बनाना सरकार के गले की फांस बन गया है। एससी/एसटी एक्ट में किए गए संशोधन के विरोध में सवर्ण संगठनों की तरफ से गुरुवार को भारत बंद का ऐलान किया गया है। बंद का सबसे ज्यादा असर बिहार में देखा जा रहा है। बिहार के दरभंगा, आरा और मुंगेर में प्रदर्शन हुए। यहां प्रदर्शनकारियों ने ट्रेनें रोक दीं।

यूपी के बनारस में भी लोगोंं ने एससी/एसटी एक्ट विरोध में पुतला फूंका।

एससी/एसटी एक्ट का सबसे ज्यादा विरोध मध्यप्रदेश में देखने को मिला है। भारत बंद के तहत मध्य प्रदेश सबसे संवेदनशील बना हुआ है, जहां पुलिस और प्रशासन पूरी तरह से तैयार है।

मध्यप्रदेश के सभी जिलों में अलर्ट जारी कर दिया गया है। वहीं 18 जिलों में धारा 144 लगहा दी गई है। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए स्कूल-कॉलेजों को बंद कर दिया गया है। इसके साथ ही पेट्रोल पंप भी दिन भर बंद रहेंगे। हालांकि इंटरनेट अभी चल रहा है, लेकिन मामला गंभीर होने पर प्रशासन की तरफ से इसे बंद भी किया जा सकता है।

भारत बंद का असर मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, बिहार, राजस्थान, छत्तीसगढ़, दिल्ली, हरियाणा सहित पूरे उत्तर भारत में दिखने की संभावना है। देश के अन्य हिस्सों में भी सवर्ण समाज के लोग सड़कों पर उतर सकते हैं। देश भर के 100 से अधिक संगठनों ने इस भारत बंद का आह्वान किया है।

क्या है मामला

सुप्रीम कोर्ट ने एससी/एसटी एक्ट में बदलाव किए। जिसके विरोध में दसित संगठनों ने 2 अप्रैल को भारत बंद किया। इस भारत बंद में हिंसा के कारण 14 लोगों की मौत हो गई। बाद में सरकार ने ससंद में कानून लाकर सुप्रीम कोर्ट के फैसले को बदल दिया।

सुप्रीम कोर्ट का फैसला और संशोधित एससी/एसटी कानून में अंतर

SC: शिकायत मिलते ही एफआईआर नहीं, पहले डीएसपी स्तर के अधिकारी से जांच

SC/ST Act:  एफआईआर के लिए प्राथमिक जांच जरूरी नहीं।

SC: तुरंत गिरफ्तारी नहीं होगी, सक्षम अधिकारी से मंजूरी जरूरी।    

SC/ST Act:   क्रिमिनल प्रोसीजर कोड के तहत जांच अधिकारी को गिरफ्तारी का अधिकार।

SC: आरोपियों को अग्रिम जमानत का अधिकार।

SC/ST Act:  अग्रिम जमानत नहीं मिल सकेगी।


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