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भीमा कोरेगांव हिंसा: नेशनल लॉ कॉलेज की प्रोफेसर डॉ. सुधा भारद्वाज गिरफ्तार

न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया | 0
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| अगस्त 28 , 2018 , 19:30 IST

भीमा कोरेगांव हिंसा मामले में पुलिस ने 5 राज्यों महाराष्ट्र, गोवा, झारखंड, तेलंगाना और दिल्ली में छापेमारी कर कार्रवाई की है। इसी मामले में महाराष्ट्र पुलिस ने मंगलवार को मानवाधिकार कार्यकर्ता एवं नेशनल लॉ कॉलेज की प्रोफेसर डॉ. सुधा भारद्वाज को फरीदाबाद की चार्मवुड विलेज सोसायटी से गिरफ्तार किया है। पुलिस ने डॉ. सुधा के दो लेपटाप, दो मोबाइल फोन, एक पेन ड्राइव अपने कब्जे में ले लिए हैं। इसके अलावा उनके ट्विटर, फेसबुक एकाउंट और ईमेल का पासवर्ड भी लिया है। डॉ. सुधा को शाम चार बजे जिला अदालत में पेश किया गया। 

डॉ. सुधा का कहना है कि उन्होंने कॉरपोरेट के खिलाफ आवाज उठाई है। शायद इसी मामले में उनकी आवाज को दबाने के लिए यह कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने अदालत को बताया कि उनकी गिरफ्तारी भीमा कोरेगांव वाले मामले में की गई है। इस मामले में दर्ज एफआईआर में उनका नाम नहीं है ना ही और तरह का कोई साक्ष्य है फिर भी पुलिस ने उनके घर पर आज छापेमारी की और उन्हें गिरफ्तार कर लिया।

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उन्होंने अदालत से गुजारिश की थी उन्हें ट्रांजिट जमानत दे दी जाए ताकि वह महाराष्ट्र की अदालत में जमानत की अर्जी लगा सकें। उनका इस मामले से कोई लेना-देना नहीं है। उन्होंने कहा कि वह आदिवासियों के मामलों की पैरवी कर चुकी हैं। उन्होंने कहा कि कई फेक एनकाउंटर हुए हैं वह उनमें वकील रही हैं और मजदूरों के मामलों की पैरवी की है। उसी सिलसिले में सरकार उन से डरी हुई थी। इसीलिए उनकी गिरफ्तारी की गई है। उन्हें अभी तक कानून के खिलाफ कोई भी काम नहीं किया है।

बरहाल, सिविल जज साक्षी सैनी की अदालत ने दोनों पक्षों महाराष्ट्र पुलिस और पीड़ित और उनके वकील की बात सुनकर फैसला सुरक्षित रख लिया है। पुलिस और डॉ. सुधा का पक्ष अदालत के फैसले का इंतजार कर रहे हैं।

गौरतलब है कि भीमा कोरेगांव मामले की जांच के दौरान पुणे पुलिस को एक आरोपी के घर से ऐसा पत्र मिला था, जिसमें 'राजीव गांधी की हत्या' जैसी प्लानिंग का जिक्र किया गया था। पत्र में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को निशाना बनाने की बात कही गई है। जिसके बाद से ही पुलिस लगातार जांच कर रही थी।


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