नेशनल

बिहार शेल्टर होम केस: SC ने लगार्ई सीबीआई को फटकार, नागेश्वर राव तलब

न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया | 0
1567
| फरवरी 7 , 2019 , 18:41 IST

शीर्ष अदालत के आदेश के बावजूद बिहार में आश्रय गृह मामलों की जांच कर रहे CBI के अधिकारी ए के शर्मा का तबादला किए जाने पर कड़ा रूख अपनाते हुए उच्चतम न्यायालय SC ने बृहस्पतिवार को जांच ब्यूरो के अंतरिम निदेशक एम नागेश्वर राव को व्यक्तिगत रूप से 12 फरवरी को पेश होने का निर्देश दिया था। SC ने कहा कि एजेंसी से बाहर अधिकारी का स्थानांतरण करना कोर्ट के आदेश का उल्लंधन है।

चीफ जस्टिस रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली बेंच ने सुप्रीम कोर्ट के पहले दिए दो आदेशों का उल्लंघन किए जाने को गंभीरता से लिया। SC ने कोर्ट से बिना मंजूरी लिए 17 जनवरी को शर्मा का तबादला CRPF में किए जाने पर राव के खिलाफ अवमानना का नोटिस जारी किया। इस बेंच में जस्टिस दीपक मिश्र और संजीव खन्ना भी शामिल थे।

तबादले में शामिल अफसरों के नाम बताने का आदेश

बेंच ने CBI निदेशक को एके शर्मा का तबादला जांच एजेंसी के बाहर करने की प्रक्रिया में शामिल अधिकारियों के नाम बताने का भी निर्देश दिया है। इस दौरान SC ने अपने पहले के आदेशों का स्पष्ट संदर्भ दिया, जिसमें सीबीआई से बिहार शेल्टर होम मामलों की जांच करने वाली टीम से एके शर्मा को नहीं हटाने को कहा गया था। इसके बावजूद तबादली होने पर कोर्ट से गहरी नाराजगी जताई।

CBI के दूसरे अधिकारियों को 12 फरवरी को पेश होने का आदेश

राव के अलावा बेंच ने सीबीआई के दूसरे अधिकारियों को भी 12 फरवरी को पेश होने के लिए कहा, जो ट्रांसफर की प्रक्रिया में शामिल थे। SC ने अपने आदेश के उल्लंधन के लिए CBI अभियोजन निदेशक प्रभारी एस. भासू राम को भी मौजूद रहने के लिए कहा है।

दिल्ली ट्रांसफर हुआ मुजफ्फरपुर शेल्टर होम मुकदमा

इससे पहले SC ने गुरुवार को ही मुजफ्फरपुर शेल्टर होम मामले के मुकदमे को दिल्ली ट्रांसफर कर दिया और निचली अदालत के जज को रोजाना सुनवाई कर मामले को 6 महीने में समाप्त करने का निर्देश दिया। चीफ जस्टिस रंजन गोगोई ने कहा कि, 'कोई भी दोषी नहीं बचेगा लेकिन यही मामले का अंत नहीं है।' हालांकि CBI के वकीन ने अदालत से कहा कि मामले को पहले ही मुजफ्फरपुर पटना स्थानांतरित किया जा चुका है। अदालत को बताया गया कि मामले में आरोपपत्र दिसंबर 2018 में दाखिल किया गया और इस मामले में 21 गवाह हैं।

गौरतलब हो कि, मुजफ्फरपुर शेल्टर होम मामले में सुप्रिम कोर्ट अहम सुनवाई कर रहा है। पिछली सुनवाई में कोर्ट ने मामले के मुख्य आरोपी बृजेश ठाकुर की उस याचिका को खारिज कर दिया था, जिसमें ठाकुर ने अपने साथ पटियासा की जेल में मारपीट का आरोप लगाया था। इसके अलावा कोर्ट ने ठाकुर की उस याचिका को भी खारिज कर दिया था, जिसमें उसने बालिका गृह को तोड़े जाने पर रोक लगाने की मांग की थी। SC ने मुजफ्फरपुर शेल्टर होम के बाद बिहार के 16 शेल्टर होम के मामलों को सीबीआई को ट्रांसफर कर दिया था।


कमेंट करें