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बिहार TET का रिजल्‍ट रहा निराशाजनक, 83 प्रतिशत उम्मीदवार हुए फेल

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| सितंबर 22 , 2017 , 15:53 IST

बिहार प्रारंभिक शिक्षक (प्रशिक्षित)(TET)पात्रता परीक्षा में इस साल सिर्फ 17 फीसदी उम्मीदवार ही पास हुए हैं, जबकि 83 फीसदी उम्मीदवार फेल हो गए हैं। विद्यालय परीक्षा समिति के अध्यक्ष आनंद किशोर ने गुरुवार को रिजल्ट जारी किया था। ये परीक्षा इसी साल 23 जुलाई को हुई थी।

बता दें कि, 1 से कक्षा 5 तक के लिए 4,3000 उम्मीदवारों ने परीक्षा दी थी जिसमें से सिर्फ 7038 पास हुए हैं। पेपर वन (कक्षा 1 से 5) की परीक्षा में शामिल होने के लिए 49,488 उम्मीदवारों ने आवेदन दिया था। परीक्षा में 43,794 उम्मीदवार शामिल हुए थे। वहीं 6 से कक्षा 8 तक के लिए 16,8700 उम्मीदवारों ने परीक्षा दी थी जिसमें से 30,113 पास हुए हैं।

बोर्ड अध्यक्ष ने कहा कि पेपर वन में 1,954 और पेपर टू में 9,397 उम्मीदवारों की OMR शीट रद्द कर दी गई है। कुल 11,351 उम्मीदवारों के OMR शीटट का मूल्यांकन नहीं किया गया है। उन्होंने बताया कि रद्द की गई OMR शीट के साथ उम्मीदवारों ने छेड़छाड़ की थी। कई शीट में वाइटनर का उपयोग किया गया था। इसके अलावा रद्द की गई अधिकतर शीट में सभी कॉलम बताए गए तरीके से भरे नहीं गए थे।

TET

बोर्ड अध्यक्ष ने कहा कि परीक्षा में पूछे गए गलत सवालों को हटाकर कटऑफ जारी की गई है। उन्होंने बताया कि विषयवार जो प्रश्न गलत थे उसे हटाकर कटऑफ जारी की गई है। हालांकि उम्मीदवारों के अंकपत्र को देखा गया तो छठी से 8वीं कक्षा में 140 अंकों पर कटऑफ जारी किया गया है।

गौरतलब है कि, बिहार TET में दो पेपर होते हैं। पहला पेपर कक्षा 1 से कक्षा 5वीं तक के लिए होता है। जिसके लिए उम्र कम से कम 18 साल होनी चाहिए। वहीं कक्षा 6वीं से 8वीं तक के लिए दूसरा पेपर होता है जिसके लिए कम से कम उम्र 21 साल निर्धारित है। जबकि यहां टीईटी के लिए अधिकत उम्र 35 से 38 साल रखी गई है। इससे पहले टीईटी की परीक्षा साल 2011 में हुई थी।


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