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श्रेया घोषाल B'day: सुरीली आवाज़ की मल्लिका जिसने बचपन में ही बना ली थी पहचान

icon अमितेष युवराज सिंह | 0
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| मार्च 12 , 2018 , 07:05 IST

छोटे पर्दे के कार्यक्रम 'सा रे गा मा पा' में कई साल पहले एक प्रतिभागी के रूप में आई श्रेया घोषाल का नाम आज बॉलीवुड की जानीमानी गायिकाओं में लिया जाता है। श्रेया आज 34 साल की हो गई हैं।

श्रेया द्वारा गाए कुछ बेहतरीन गाने आज भी लोग सुन कर मस्त हो जाते हैं। कम ही लोग जानते होगें की श्रेया ने अपनी आवाज से फिल्मकार संजय लीला भंसाली को इतना प्रभावित कर दिया कि उन्होंने साल 2002 में आई अपनी फिल्म 'देवदास' में उन्हें गाने को ब्रेक दे दिया और यहां से खुल गया श्रेया की किस्मत का ताला।

पृष्ठभूमि-

श्रेया घोषाल का जन्म 12 मार्च 1984 को पाश्च्मि बंगाल के छोटे से गांव ब्रह्मपुर में हुआ था। इनके पिता का नाम विश्वजीत घोषाल है, जो की भारत के परमाणु ऊर्जा निगम में इलेक्ट्रिकल इंजीनियर हैं। इनकी माँ का नाम शर्मिष्ठा घोषाल है, जोकि ग्रहणी हैं। श्रेया के एक भाई भी है- सौम्यदीप घोषाल।

पढ़ाई-

पिता की ट्रांसफरेबल नौकरी होने के कारण श्रेया ने अपनी आठंवी तक की पढ़ाई कोटा के पास रावतभाटा में की। उसके बाद बाद उनके का ट्रांसफर, भाभा अटॉमिक रिसर्च सेंटर हो गया। इसके बाद श्रेया का परिवार मुंबई शिफ्ट हो गया। मुंबई में श्रेया ने अपने आगे की पढ़ाई संपन्न की।

श्रेया अपने स्कूली दिनों से संगीत में विशेष रूचि रखतीं थीं। श्रेया की माँ उनकी गुरु हैं, उन्होंने ही श्रेया को संगीत का पहला अर्थ समझाया। श्रेया की माँ घर में बंगाली गाने गाया करती थी जिसे श्रेया सुनकर उसका रियाज करती थीं। श्रेया का संगीत की तरफ झुकाव देख उनके माता-पिता ने उन्हें हिंदुस्तानी शास्त्रीय संगीत में दाखिला दिलवा दिया।

श्रेया घोषाल ने अपने संगीत के सफर की शुरुआत 1996 में जी टीवी के शो 'सा रे गा मा' में बतौर एक बाल कलाकार भाग लेकर की। 12 साल की उम्र में श्रेया घोषाल अपना हुनर लेकर 'सा रे गा मा' के मंच पर दुनिया के सामने थीं। उस समय उस शो को गायक सोनू निगम, और कल्याण जी जज कर रहे थे। उन्होंने ही श्रेया के माता पिता को मुंबई आने के लिए राजी किया, इसके बाद श्रेया ने 18 महीनों तक कल्याण जी के संगीत की शिक्षा ली और साथ ही क्लासिकल म्यूजिक ट्रेनिंग भी जारी रखी।

इसके बाद 2002 में श्रेया घोषाल ने फिल्म ‘देवदास’ ‘बैरी पिया’, ‘छलक-छलक’, ‘डोला रे’, ‘सिलसिला ये चाहत का’ और ‘मोरे पिया’ जैसे गीत गाकर हर किसी का मन अपनी मीठी आवाज से मोह लिया। सभी के होठों पर उनके ही गाए गीत छाने लगे। श्रेया के गाए हुए गाने इतने हिट हुये कि वह हर किसी के दिलों में राज करने लगीं। आज अपने इन्हीं सुरीले गीतों की वजह से वह बड़ी से बड़ी पार्श्व गायिकाओं की सूची में शुमार हो गईं।

करियर-

श्रेया को फ़िल्मी संगीत दुनिया में लाने का श्रेय फिल्म निर्देशक संजय लीला भंसाली को जाता है। उन्होंने ही श्रेया को अपनी फिल्म देवदास से बॉलीवुड में सिंगिंग का पहला ब्रेक दिया था। देवदास में गाना गाने के बाद श्रेया बॉलीवुड की टॉपमोस्ट सिंगर्स में एक बन गयीं। इस गाने के लिए श्रेया को फिल्मफेयर बेस्ट प्लेबैक सिंगर डेब्यू के अवार्ड से नवाजा गया और साथ ही संगीत की नयी प्रतिभा के लिए आर.डी बर्मन पुरुस्कार भी दिया गया।

श्रेया ने अपने बॉलीवुड करियर में कई फिल्मों में अपनी गायकी का जलवा दिखा चुकी हैं। इसके लिए उन्हें कई आवर्स से सम्मानित भी किया गया। श्रेया बॉलीवुड की ऐसी सिंगर जो हर गाने को बहुत बेहतरीन तरीके से गति हैं चाहे वो रोमांटिक हो या सैड सांग या पेपी। इसके अलावा श्रेया छूटे पर्दे पर भी कई सिंगिंग बेस्ड रियलिटी शोज़ को जज कर चुकी हैं, जिनमे इंडियन आइडल, अमूल वॉइस स्टार ऑफ़ इंडिया छोटे उस्ताद शामिल हैं।

5 फरवरी 2015 को श्रेया ने शैलादित्य को अपना जीवनसाथी चुन कर उनसे शादी कर ली।

पुरस्कार-

श्रेया घोषाल को फिल्म देवदास के गानों के लिए सर्वश्रेष्ठ गायिका के फिल्मफेयर पुरस्कार से भी नवाजा गया है। इसके अलावा उनकी बेहतरीन प्रतिभाओं को देखते हुए आर. डी. वर्मन पुरस्कार भी दिया गया।


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अमितेष युवराज सिंह

लेखक न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया में असिस्टेंट एग्जीक्यूटिव एडिटर हैं

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