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Happy B'Day साक्षी: कभी पैसों के लिए लड़कों संग खेलती थीं कुश्ती, आज देश का नाम कर रहीं रोशन

icon अमितेष युवराज सिंह | 0
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| सितंबर 3 , 2018 , 07:35 IST

भारत की शान साक्षी मलिक ने अपने दम-खम से देश और दुनिया को महिला शक्ति से साक्षात कराया। देश के लिए ओलंपिक पदक जीतने वाली वे पहली महिला पहलवान हैं। हरियाणा के रोहतक जिले के मोखरा गांव में जन्मी साक्षी के पिता सुखबीर मलिक डीटीसी में बस कंडक्टर हैं और मां सुदेश मलिक आंगनवाड़ी कार्यकर्ता हैं।

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साक्षी ने वर्ल्ड जूनियर चैंपियनशिप में कांस्य पदक जीतकर दुनिया में छाने के संकेत दे दिए थे। उनकी सबसे बड़ी उपलब्धि वर्ष 2016 के रियो ओलंपिक के 58 किलो भार वर्ग में कांस्य पदक जीतीं।

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उन्हें वर्ष 2016 में राजीव गांधी खेल रत्न पुरस्कार और वर्ष 2017 में पद्मश्री सम्मान से नवाजा गया।

 

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रियो ओलिंपिक के बाद साक्षी मलिक का जीवन पूरा बदल गया। अब उन पर अधिक जिम्मेदारी है। उन्हें भारत के लिए और पदक जीतने हैं। उम्मीद है कि कॉमनवेल्थ गेम्स से इसकी शुरुआत होगी। उसके बाद एशियाई खेल और फिर 2020 में टोक्यो ओलिंपिक हैं। ओलंपिक कांस्य पदक विजेता साक्षी मलिक को यकीन है कि नई रक्षात्मक तकनीक के साथ वह अगले महीने कॉमनवेल्थ गेम्स की कुश्ती स्पर्धा में अपना पहला स्वर्ण पदक जीतेंगी।

हरियाणा की साक्षी ने महान रेसलर गीता फोगाट को अपना आदर्श माना है। वे हमेशा उनके ही नक्शे कदम पर चलती आ रही हैं।


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अमितेष युवराज सिंह

लेखक न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया में असिस्टेंट एग्जीक्यूटिव एडिटर हैं

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