राजनीति

बीजेपी ने साधा राहुल की यात्रा पर निशाना, कहा- चाइनीज गांधी हैं कांग्रेस के अध्यक्ष

न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया | 0
1634
| अगस्त 31 , 2018 , 18:57 IST

बीजेपी ने राहुल गांधी के चाइना होते हुए मानसरोवर यात्रा पर सवाल खड़ा करते हुए निशाना साधा है। बीजेपी ने कहा है कि राहुल गांधी को चीन से इतना लगाव क्यों है। बीजेपी प्रवक्ता ने राहुल को चीन का प्रवक्ता बताते हुए उनपर चीन का विज्ञापन करने तक का आरोप मढ़ डाले। बीजेपी ने कहा आखिर उन्हें चीन से इतना प्यार क्यों है।

यहीं नहीं बीजेपी ने राहुल को 'चाइनीज' गांधी तक बता डाला। संबित ने कहा कि अपने पसंदीदा देश चीन में राहुल किस-किस से मिलेंगे और किन-किन मुद्दों को डिस्कस करेंगे, यह उनको और कांग्रेस पार्टी को बताना चाहिए।

संबित ने तंज किया की भारत का पक्ष जानने के लिए भी राहुल गांधी चीन के लोगों से मिलते हैं। जब डोकलाम का मुद्दा चल रहा था, तब राहुल चीन के राजदूत से आधी रात को मुलाकात करते हैं। उन्होंने कहा कि डोकलाम के बारे में सरकार से बात करने की बजाए राहुल गांधी ने चीन से बात करना उचित समझा। राहुल गांधी को भारत का पक्ष जानने के लिए भारत पर नहीं, चीन पर विश्वास है।

संबित पात्रा ने कहा कि रोजगार के मुद्दे पर भी राहुल गांधी ने भारत की तुलना चीन से की, वह भी गलत की। उन्होंने सवाल किया कि आखिर राहुल यह आंकड़े कहा से लेकर आते हैं कि चीन में 50 हजार लोगों को हर रोज रोजगार मिलता है, जबकि भारत में 450 लोगों को रोजगार मिलता है। चीन में किसने उनको यह जानकारी दी?

राहुल गांधी को चीन में किसने ब्रीफ किया? संबित पात्रा ने कहा कि राहुल गांधी भारत को और यहां की सरकार को डेमोक्रेसी सीखने के लिए चीन का उदाहरण देते हैं कि चीन से सीखनी चाहिए। इससे कहीं ना कहीं यह बात साफ होती है कि राहुल गांधी चीन के प्रवक्ता की तरह बातें करते हैं।

पात्रा ने कहा कि अपनी जर्मनी यात्रा पर जब राहुल से डोकलाम पर सवाल किया गया तो उन्होंने कहा कि उन्हें डोकलाम के बारे में कुछ पता नहीं है इसलिए इसपर बयान नहीं दे सकता हूं। पात्रा ने पूछा, 'फिर आप डोकलाम पर किस प्रकार बोल रहे थे?

आपने डोकलाम को धोखलाम भी कहा था। सेना और सरकार ने डोकलाम पर जवाब दिया था। संसद में जब इस मुद्दे पर चर्चा हुई थी तब विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने कहा था कि वह पूरी जिम्मेदारी के साथ बयान दे रही हैं। पर राहुल को विदेश मंत्री में भी विश्वास नहीं था। उन्होंने चीनी राजदूत से नजरिया जाना। यह सांसद के तौर पर उनकी स्थिति को दर्शाता है।'


कमेंट करें