नेशनल

'अच्छे दिन' और 'विकास' की बात भूल मंदिर-मूर्ति की चर्चा कर रही BJP सरकार: चिदंबरम

न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया | 0
1424
| नवंबर 8 , 2018 , 16:52 IST

नोटबंदी के दो साल पूरे होने के मोके पर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व वित्त मंत्री पी. चिदंबरम ने केंद्र की मोदी सरकार पर जमकर निशाना साधा। चिदंबरम ने कहा कि यह सरकार अब अपना 'अच्छे दिन' का वादा भूल गई है, अब विकास, नौकरी, निवेश, ज्यादा आय या ग्रोथ की कहीं चर्चा नहीं है। उन्होंने कहा कि आजकल हम जो भी चर्चा सुनते हैं वह केवल हिंदुत्व का अजेंडा है।

यहां एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान चिदंबरम ने कहा कि नोटबंदी से फेक मनी खत्म नहीं हुई बल्कि जाली नोट बनाने वालों ने 2,000 और 5,00 रुपये के नए नोटों की भी फेक करंसी तैयार कर ली। नोटबंदी के समय अमान्य किए गए सभी 99.3% नोट वापस आरबीआई के पास आ गए। चिदंबरम ने कहा कि वास्तव में सभी अमान्य नोटों को बैंक काउंटर पर एक्सचेंज किया गया। उन्होंने नोटबंदी को सरकार की ओर से लॉन्च की गई मनी लॉन्ड्रिंग स्कीम बताया।

उन्होंने कहा कि चु नाव के ठीक बाद प्रधानमंत्री ने देश के लोगों से सभी विवादित और विभाजनकारी मुद्दों को भूल विकास पर फोकस करने की अपील की थी। आज विकास या अच्छे दिन का वादा भुलाया जा चुका है। पूर्व वित्त मंत्री ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री खुद विवादित मुद्दों को हवा देते हैं। आरएसएस, मंत्री से लेकर बीजेपी के नेता विभाजनकारी मुद्दों पर बातें कर रहे हैं और लिख रहे हैं।

मूर्ति पर कहा, सरकार फेल

एक सवाल के जवाब में चिदंबरम ने कहा कि साढ़े चार साल पहले उन्होंने (नरेंद्र मोदी) विकास, नौकरियों और ग्रोथ की बात की थी। उन्होंने इनमें से कुछ भी हासिल नहीं किया। ऐसे में अब वे हिंदुत्व, विशाल मंदिर, भव्य मूर्तियों की बातें कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि केंद्र की मोदी सरकार पूरी तरह से फेल रही है।

कर्नाटक जीत का जिक्र

उन्होंने तंज भरे अंदाज में कहा कि इस बात पर कोई संदेह नहीं है कि देश की जनता ऐसे विकास पर गौर करेगी और जब उसे मौका मिलेगा वह उचित जवाब भी देगी। पूर्व वित्त मंत्री ने आगे कहा कि हाल में कर्नाटक में लोगों को मौका मिला था और उन्होंने कांग्रेस-जेडीएस के पक्ष में वोट किया। इसके बाद उपचुनावों में बीजेपी को तगड़ा झटका लगा। अब बीजेपी और आरएसएस के लोग हिंदुत्व के अजेंडे को हवा दे रहे हैं।

आरबीआई विवाद पर भी बोले

उन्होंने कहा कि अगर आरबीआई विवाद जारी रहता है या गवर्नर इस्तीफा देने को मजबूर होते हैं तो इसके परिणाम काफी भयानक होंगे। पूर्व गवर्नर रघुराम राजन के बयान का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि आरबीआई का बोर्ड किसी कंपनी की तरह नहीं है। केंद्रीय बैंक के अधिकार गवर्नर में निहित हैं। अगर सरकार की ओर से इसके खिलाफ कोशिश की जाती है तो इसके परिणाम खतरनाक होंगे।

गठबंधन पर कहा, कर्नाटक की तरह हो

चिदंबरम ने कहा कि बीजेपी के खिलाफ अगर राज्यों के हिसाब से अलायंस होते हैं तो कांग्रेस को फायदा होगा। उन्होंने कहा कि कर्नाटक की तरह ही दूसरे राज्यों में अगर गठबंधन होते हैं तो उसके अच्छे नतीजे देखने को मिलेंगे।


कमेंट करें