राजनीति

राम मंदिर पर प्राइवेट मेंबर बिल लाएंगे BJP सांसद राकेश सिन्हा,विपक्ष को दिया चैलेंज

न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया | 0
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| नवंबर 1 , 2018 , 13:01 IST

राम मंदिर पर सुप्रीम कोर्ट मे सुनवाई को जनवरी 2019 तक टाल दिया। इसके बाद से सरकार पर राम मंदिर पर अध्यादेश लाने का दबाव बढ़ गया है। इसी बीच बीजेपी नेता व राज्यसभा सांसद राकेश सिन्हा का एक महत्वपूर्ण बयान सामने आया है।

राकेश सिन्हा ने ट्वीट में लिखा है कि जो लोग भाजपा और संघ को उलाहना देते रहते हैं कि राम मंदिर की तारीख बताएं, उनसे सीधा सवाल है कि क्या वे मेरे प्राइवेट मेंबर बिल का समर्थन करेंगे? समय आ गया है दूध का दूध पानी का पानी करने का।' उन्होंने इस ट्वीट में राहुल गांधी, अखिलेश यादव, सीताराम येचुरी, लालू प्रसाद यादव और चंद्रबाबू नायडू को इस ट्वीट में टैग भी किया।

सिन्हा ने एक और ट्वीट किया, उन्होंने दूसरे ट्वीट में लिखा कि आर्टिकल 377, जलिकट्टू और सबरीमाला पर फैसला देने में सुप्रीम कोर्ट ने कितने दिन लगाए? लेकिन दशकों दशक से अयोध्या प्राथमिकता में नहीं है। यह हिंदू समाज के लिए सर्वोच्च प्राथमिकता में है।

क्या होता है प्राइवेट मेंबर बिल?

भारत की संसद में किसी भी कानून को बनाने की प्रक्रिया किसी भी सदन में बिल पेश करने से शुरू होती है। बिल को सरकार के मंत्री या किसी संसद सदस्य की तरफ से पेश किया जा सकता है। अगर सरकार के मंत्री बिल पेश करते हैं तो उसे गवर्नमेंट बिल और दूसरी स्थिति को प्राइवेट मेंबर बिल कहते हैं। यानी संसद में सरकारी विधेयकों के अलावा सदस्यों को व्यक्तिगत विधेयक लाने का भी अधिकार है।

हालांकि इन विधेयकों का कानून की शक्ल लेना पार्टी लाइन या फिर सरकार के रुख से तय होता है। लोकसभा और राज्यसभा में हर शुक्रवार को दोपहर बाद का समय निजी विधेयक पेश करने के लिए तय है।


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