राजनीति

BJP ने जारी की राज्यसभा उम्मीदवारों की लिस्ट, अरुण जेटली समेत 18 नाम शामिल

न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया | 0
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| मार्च 12 , 2018 , 07:29 IST

भारतीय जनता पार्टी ने राज्यसभा पर अपने पत्ते खोल दिए हैं। बीजेपी ने राज्यसभा उम्मीदवारों को चुनने में अगले साल होने वाले लोकसभा चुनाव को भी ध्यान में रखा है। बीजेपी की चुनाव समिति ने 18 नामों को सूची में शामिल किया है।

इसमें उत्तर प्रदेश से जीवीएल नरसिम्हा राव और अशोक वाजपेयी समेत सात लोगों को मौका दिया गया है वहीं, राजस्थान से किरोड़ी लाल मीणा का नाम तय किया गया है।

महाराष्ट्र से नारायण राणे के नाम को भी 18 नामों की लिस्ट में शामिल किया गया है. बता दें कि इसमें सरोज पांडेय को छत्तीसगढ़ से और अनिल बलूनी को उत्तराखंड से राज्यसभा का टिकट मिला है।

इनके अलावा इन 18 नामों की सूची में राजस्थान से मीणा के साथ-साथ मदन लाल सैनी, महाराष्ट्र से नारायण राणे और वी मुरलीधरन, हरियाणा से रिटायर्ड लेफ्टिनेंट जनरल डीपी वत्स, मध्य प्रदेश से अजय प्रताप सिंह और कैलाश सोनी को मौका मिला है।

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वहीं, उत्तर प्रदेश से अशोक वाजपेयी, विजय पाल सिंह तोमर, सकल दीप राजभर, कांता कर्दम, डॉ. अनिल जैन, जीवीएल नरसिम्हा राव और हरनाथ सिंह यादव को राज्यसभा भेजने का ऐलान किया गया है। इनके अलावा कर्नाटक से राजीव चंद्रशेखर और झारखंड से समीर उरांव को मौका मिला है।

 उम्मीदवारों को योगी का रात्रिभोज-:

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पार्टी के राज्यसभा उम्मीदवारों को रविवार को रात्रिभोज दिया। इस दौरान सरकार के मंत्री एवं पार्टी के अहम पदाधिकारी भी मौजूद थे। मुख्यमंत्री सोमवार को बनारस में रहने के चलते राज्यसभा के नामांकन में शामिल नहीं हो सकेंगे।

अशोक वाजपेयी-:

मूलत: हरदोई के रहने वाले हैं। मुलायम सिंह के अति करीबी रहे वाजपेयी उनके साथ तीन बार मंत्री भी रहे। एसपी के संस्थापक सदस्य रहे वाजपेयी ने बीजेपी सरकार बनने के बाद सपा छोड़ दी। विधान परिषद से इस्तीफा देकर भाजपा में आ गए। अवध के कई जिलों में ब्राह्मणों को लामबंद करने में अहम भूमिका निभा सकते हैं।

विजय पाल सिंह तोमर-:

बीजेपी के किसान मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष रह चुके हैं। विजय पाल मेरठ की सरधना सीट से विधायक भी चुने जा चुके हैं। जाति से ठाकुर हैं और उनकी चौधरी चरण सिंह के करीबियों में गिनती रही है। किसान नेता के तौर पर पहचान है।

कांता कर्दम-:

भारतीय जनता पार्टी की प्रदेश उपाध्यक्ष हैं। पार्टी ने दलित चेहरे के तौर पर उन्हें आगे बढ़ाया है। मेरठ की रहने वाली कांता ने पिछले दिनों मेरठ नगर निगम से महापौर का चुनाव भी लड़ा था, हालांकि इस चुनाव में उन्हें सफलता नहीं मिल पाई थी।

सकलदीप राजभर-:

बलिया के रहने वाले हैं। भाजपा के पुराने कार्यकर्ता हैं। 2002 में सीयर विधानसभा (अब बेल्थरा रोड) से चुनाव भी लड़े थे। 2006 में पार्टी से बगावत कर दी, लेकिन बाद में लौट आए। अति पिछड़ी जाति से आते हैं। पूर्वांचल में राजभरों को लामबंद करने के काम आ सकते हैं।

हरनाथ सिंह यादव-:

एटा के रहने वाले हैं। संघ की पृष्ठभूमि है। भाजपा के प्रदेश संगठन में अहम पदों पर रहे हैं। हालांकि, भाजपा से बगावत कर सपा में गए थे और उसके टिकट पर एटा-मैनपुरी सीट से एमएलसी भी निर्वाचित हुए थे। पार्टी की नजर इनके जरिए यादवों को लुभाने पर है।

डॉक्टर अनिल जैन-:

बीजेपी के राष्ट्रीय महामंत्री है। फिरोजाबाद के रहने वाले हैं। पार्टी के संगठनात्मक अहम भूमिका निभाते रहे हैं। केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह के करीबियों में गिनती होती है। वैश्य पार्टी का परंपरागत मतदाता है, इनके जरिए प्रतिनिधित्व दिया गया है।

जीवीएल नरसिम्हा राव-:

आंध्र प्रदेश के रहने वाले हैं और भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता भी हैं। चुनाव विश्लेषक रह चुके जीवीएल को पार्टी ने राज्यसभा चुनाव में केंद्रीय कोटे से उत्तर प्रदेश में जगह दी है। जीवीएल का प्रदेश की राजनीति से कोई सीधा सरोकार नहीं है।

अरुण जेटली-:

केंद्रीय वित्त मंत्री हैं। जाति से ब्राह्मण हैं। पार्टी राज्यसभा चुनाव में प्रत्याशी के तौर पर इनका नाम पहले ही घोषित कर चुकी थी। केंद्रीय कोटे से यूपी के हिस्से आए हैं। इनके आने से केंद्रीय मंत्रिमंडल में यूपी की भागीदारी और बढ़ गई है।


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