राजनीति

अमित शाह के एक फोन से मान गए नितिन पटेल, कहा- कभी नहीं छोड़ सकता पार्टी

सतीश वर्मा, न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया | 0
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| दिसंबर 31 , 2017 , 14:41 IST

गुजरात में विभागों के बंटवारे नाराज चल रहे गुजरात के उपमुख्यमंत्री नितिन पटेल की नाराजगी रविवार को दूर हो गई और उन्होंने गांधीनगर जाकर पदभार संभाल लिया। इससे पहले संवाददाता सम्मेलन कर उन्होंने बताया की है कि बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने उन्हें फोनकर आश्वासन दिया है कि वह अभी इस बारे में विचार कर रहे हैं और उनकी मांगों का पूरा ध्यान रखा जाएगा। साथ ही अनुरोध किया मैं पदभार संभाल लूं। बता दें, बीजेपी ने पहले ही इस बात के संकेत दिए थे कि नाराज नितिन पटेल को ज्यादा तवज्जो नहीं दी जाएगी।

अमित शाह ने पटेल पर जताया भरोसा

नितिन पटेल ने कहा, 'चूंकि अमित शाह जी ने मेरे ऊपर भरोसा जताया है, इसलिए मैं पदभार संभाल रहा हूं। कैबिनेट की मीटिंग हुई थी। मैंने सीएम के साथ इसमें हिस्सा लिया और अनुशासन बनाए रखा। मैंने हाई कमान से कहा था कि अगर मुझे महत्वपूर्ण मंत्रालय नहीं दिए गए तो एक मंत्री की जिम्मेदारी से मुझे मुक्त कर दिया जाए।

नितिन पटेल ने कहा, मेरी इच्छा सत्ता या महत्वपूर्ण मंत्रालय लेने की नहीं थी। बस इतना चाह रहा था कि जिन मंत्रालयों को पहले मैं संभाल रहा था, उन्हें मुझे दोबारा दे दिए जाएं। मैंने 40 साल से बीजेपी कार्यकर्ता के रूप में काम किया है। मैं हमेशा से पार्टी के साथ खड़ा रहा हूं। यह सभी जानते हैं। मेरे योगदान को देखकर ही पार्टी ने मुझे उपमुख्यमंत्री बनाया।

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नितिन पटेल ने कहा- पार्टी छोड़ने के बारे में सोच भी नहीं सकता

उन्होंने कहा, 'मैं पार्टी छोड़ने के बारे में सोच भी नहीं सकता हूं। मैं नहीं जानता हूं कि कौन सा विभाग मुझे मिलेगा। सीएम इस संबंध में राज्यपाल को पत्र लिखेंगे। मुझे आश्वासन दिया गया है कि मुझे एक महत्वपूर्ण और सम्मानजनक विभाग मिलेगा।' नितिन पटेल ने, 'मैं नाराज नहीं था। मेरा सिर्फ इतना कहना था कि मैं उपमुख्यमंत्री हूं और कैबिनेट में नंबर दो हूं। मुझे वह जिम्मेदारी दी जाए जो मेरे लिए सम्मानजनक है। कांग्रेस इस मामले में राजनीतिक पहलू देख रही है। वे सोच रहे थे कि नितिन पटेल बीजेपी से अलग हो जाएंगे और उनकी सरकार बन जाएगी।'

पटेल इस बात से नाराज दिखाई पड़ रहे थे कि उनसे शहरी विकास, वित्त, पेट्रोकेमिकल्स, टाउन प्लानिंग जैसे विभाग ले लिए गए जो पिछली सरकार में उनके पास थे। उन्हें केवल रोड और बिल्डिंग तथा स्वास्थ्य विभाग दिया गया है। इस वजह से ऐसा माना जा रहा था कि उन्हें नई सरकार में साइडलाइन कर दिया गया है। विभागों के बंटवारे के बाद जब रुपाणी मीडिया से बात कर रहे थे, उस समय उपमुख्यमंत्री नितिन पटेल थोड़ा निराश लग रहे थे।

 

 


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