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फुटपाथ पर गाना गाकर गुजर बसर कर रहा है बॉलीवुड का ये संगीतकार, जानें दर्दनाक कहानी

अमितेष युवराज सिंह | न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया | 2
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| मार्च 30 , 2018 , 17:31 IST

इतना न मुझसे तू प्यार बढ़ा कि मैं एक बादल आवारा

कैसे किसी का सहारा बनूं कि मैं खुद बेघर बेचारा

बॉलीवुड के इस मशहूर गाने 'मैं खुद बेघर बेचारा' की लाइन पुणे में रहने वाले एक शख्स पर फिट बैठती है जिनके पास आज रहने के लिए खुद का आशियाना नहीं है। खास बात ये है कि इस मशहूर गाने के संगीत में इस व्यक्ति ने हार्मोनियम बजाया था। हम बात कर रहे हैं बीते जमाने के बॉलीवुड संगीतकार केशव लाल की। आज केशव लाल के पास न रहने के लिए घर है ना गुजर-बसर करने के लिए पैसे।

कुछ दिनों से सोशल मीडिया में एक वीडियो वायरल हो रहा है जिसमें एक बुजुर्ग शख्स एक महिला के साथ सड़कों पर हार्मोनियम बजा रहा है। बाद में पता चला कि होर्मोनियम बजाने वाला शख्स संगीतकार केशव लाल हैं और उसके साथ जो महिला है वो उनकी पत्नी सोनीबाई हैं। पिछले कई सालों से इनकी माली हालत इतनी खराब हो गई है कि वे सड़कों पर गाना गाकर अपना बसर कर रहे हैं।

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(सौजन्य- सोशल मीडिया)

कहा जा रहा है कि केशव लाल मशहूर संगीतकार लक्ष्मीकांत-प्यारेलाल जैसे बड़े संगीतकारों के साथ काम कर चुके हैं। वो सिंगर हेमंत कुमार के लिए गाना कर चुके हैं। केशव लाल को आज किस्मत ने ऐसे मोड़ पर लाकर खड़ा कर दिया कि उन्हें पुणे की कॉलोनियों और फुटपाथ पर अपने पत्नी के साथ घूम-घूम कर गाना गाना पड़ा रहा है ताकि उनका घर चल सके।

केशव लाल पिछले 32 साल से फुटपाथ पर हार्मोनियम बजाकर अपना और अपनी पत्नी का गुजारा कर रहे हैं। कई साल उन्होंने फुटपाथ पर रहकर भी अपना समय गुजारा है। इन दिनों पुणे की एक स्वयंसेवी संस्था ने उन्हें रहने के लिए कमरा दिलवाया है।

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(सौजन्य- सोशल मीडिया)

गाना गाने के दौरान लोग उन्हें जो कुछ भी दे देते हैं उसे वो लेते हैं और उसी से समय गुजार रहे हैं। कहा जाता है कि केशव लाल के बच्चे भी हैं लेकिन वे शराबी निकल गए और उन्होंने केशव लाल का ध्यान देना छोड़ दिया। ऐसे हालात में केशव लाल खुद और बीवी का गुजारा करने के लिए हार्मोनियम लेकर फुटपाथ पर आ गए और घूमते-घूमते पुणे पहुंच गए। काफी दिनों से वे पुणे में ही हैं।

बचपन से बजाते हैं हार्मोनियम

केशवलाल गुजरात के रहने वाले हैं। 10 साल की उम्र में वे अपने पिताजी मूलचंद के साथ हार्मोनियम बजाते थे। उनके पिताजी श्रीलंका के कोलंबो में जवानों का मनोरंजन करते थे। कुछ साल के बाद वो परिवार के साथ भारत आ गए।

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(सौजन्य- सोशल मीडिया)

बॉलीवुड में कैसे मिला काम

केशवलाल मुंबई में हार्मोनियम लेकर फुटपाथ और जूहू बीच पर लोगों को गाना सुनाया करते थे। एक दिन वो किसी फिल्म स्टूडियो के बाहर हार्मोनियम बजा रहे थे तब मशहूर फिल्म निर्माता शांताराम की नजर उन पर पड़ी। उन्होंने केशवलाल को अपने पास बुला लिया।

उन्हें नागिन फिल्म में हार्मोनियम बजाने का मौका मिला। इस फिल्म के संगीतकार कल्याणजी-आनंदजी थे। इसके बाद उन्हें काफी काम मिलने लगा। पैसे भी मिलने लगे। इसी बीच उनकी शादी हो गई और वो नागपुर आ गए। धीरे-धीरे किस्मत ने साथ छोड़ दिया और उन्हें मजबूरन हार्मोनियम लेकर फुटपाथ पर लौटना पड़ा। अब हार्मोनियम और उनकी पत्नी ही उनका हमसफर है।

(देखिये केशवलाल का वीडियो)


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