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बॉम्बे HC की पुलिस को फटकार, कहा- कोर्ट में चल रहे मामले पर क्यों की प्रेस कॉन्फ्रेंस?

icon अमितेष युवराज सिंह | 0
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| सितंबर 3 , 2018 , 15:11 IST

बॉम्बे हाई कोर्ट में एल्गार परिषद मामले को पुणे पुलिस से लेकर एनआईए (NIA) को सौपें जाने की मांग को लेकर दायर की गई याचिका पर सुनवाई 7 सितंबर तक के लिए टाल दी गई है। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने पुलिस की कार्रवाई के तरीके पर हैरानी जताई है। कोर्ट ने पुलिस को फटकार लगाते हुए कहा कि जब मामला अदालत में विचाराधीन है तो पुलिस प्रेस कॉन्फ्रेंस कैसे कर सकती है।

उधर आरोपियों के समर्थकों की ओर से मामले की जांच एनआईए से कराने की याचिका पर कोर्ट ने सुनवाई सात सितंबर के लिए स्थगित कर दी है। कोर्ट का कहना है कि सभी संबंधित व्यक्ति तक पेटिशन की कॉपी नहीं पहुंची है इसलिए फिलहाल इसे स्थगित किया जाए।

वही याचिकार्ताओं का कहना है पुणे पुलिस के बयानों से ऐसा लगता है कि वो पहले से ही मान चुके हैं कि वरवरा राव, सुधा भारद्वाज और तीन आरोपी दोषी हैं। पुणे पुलिस के बयानों में विरोधाभास है। सच को सामने के लिए ये जरूरी है कि इस मामले की जांच अब राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) करे।

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बता दें कि पिछले साल 31 दिसंबर को एल्गार परिषद के एक कार्यक्रम के बाद पुणे के पास कोरेगांव-भीमा गांव में दलितों और उच्च जाति के पेशवाओं के बीच हिंसा हुई थी। इस संघर्ष में एक युवक की मौत हो गई थी और चार लोग घायल हुए थे। जिसके बाद हिंसा की आंच महाराष्ट्र के 18 जिलों तक फैल गई।

इस रैली में प्रकाश आंबेडकर, गुजरात से विधायक जिग्नेश मेवानी, जेएनयू छात्र उमर खालिद, आदिवासी एक्टिविस्ट सोनी सोरी,  हाईकोर्ट के पूर्व चीफ जस्टिस बीजी कोलसे पाटिल समेत कई अन्य लोग मौजूद रहे।

उस रैली में कई नेताओं ने भाषण दिए, जिसके बाद यलगार परिषद से जुड़ी दो और एफआईआर पुणे के विश्रामबाग पुलिस थाने में रिपोर्ट की गई। पहली एफआईआर के मुताबिक जिग्नेश मेवानी और उमर खालिद पर भड़काऊ भाषण देने का आरोप लगाया गया था। वहीं दूसरे एफआईआर में तुषार दमगुडे की शिकायत पर यलगार परिषद से जुड़े अन्य लोगों के खिलाफ केस दर्ज कराया गया।

जिसके बाद वामपंथी विचारक वरवरा राव, पत्रकार गौतम नवलखा, एक्टिविस्ट और वकील सुधा भारद्वाज, एक्टिविस्ट वेरनन गोंजालविस और कार्टूनिस्ट अरुण फरेरा को गिरफ्तार किया गया था। हालाकि सुप्रीम कोर्ट ने सभी पांचों आरोपियों के ट्रांजिट रिमांड पर रोक लगाई है तथा वह अपने घरों पर नजरबंद हैं।


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अमितेष युवराज सिंह

लेखक न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया में असिस्टेंट एग्जीक्यूटिव एडिटर हैं

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