बजट 2019

नहीं बदला टैक्स स्लैब, 5 लाख से ज्यादा इनकम वालों को देना होगा टैक्स

न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया | 0
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| फरवरी 1 , 2019 , 18:52 IST

लोकसभा चुनाव से पहले सरकार ने अंतरिम बजट पेश किया। इसको लेकर हर वर्ग के लोगों को कई उम्मीदे।चुनाव और हर वर्ग को ध्यान में रखते हुए मोदी सरकार ने सभी को बड़ी राहत दी है। इसमें किसानों से लेकर सैलरीड क्लास को बड़ी राहत मिली है। अंतरिम बजट में सैलरीड क्लास, पेंशनर्स, वरिष्ठ नागरिकों और छोटे व्यापारियों को बड़ा तोहफा दिया है।

Tax slab

बजट पेश करते हुए वित्त मंत्री पीयूष गोयल ने आज कहा कि 5 लाख रुपये तक की सालाना टैक्सेबल आमदनी वाले करदाताओं को अब टैक्स में पूरी छूट मिलगी और उन्हें कोई टैक्स नहीं देना पड़ेगा। हालांकि, जिनकी टैक्सेबल इनकम 5 लाख से ज्यादा है वे इस छूट के दायरे में नहीं आएंगे क्योंकि टैक्स स्लैब में कोई बदलाव नहीं किया है।

दरअसल नए ऐलान के मुताबिक नौकरी-पेशा लोगों को 5 लाख रुपये तक की कमाई पर अब कोई टैक्स नहीं देना पड़ेगा। अब तक ढाई लाख से 5 तक लाख रुपये तक की कमाई पर 5 फीसदी आयकर टैक्स देना पड़ता था, जिसे अब खत्म कर दिया गया है। यानी जिनकी आमदनी 5 लाख रुपये से ज्यादा है, उन्हें पुराने टैक्स स्लैब के मुताबिक टैक्स देना ही पड़ेगा।

वित्‍त मंत्री ने कहा कि इसके बाद जिन लोगों की कुल आमदनी 6.50 लाख रुपये तक है, उन्‍हें भी किसी प्रकार के इनकम टैक्स के भुगतान की जरूरत नहीं पड़ेगी यदि वे 80C के तहत सेविंग इंस्ट्रूमेंट्स में निवेश कर लें। इसके साथ ही उन्होने कहा कि पहले की ही तरह दो लाख रुपये तक के होम लोन के ब्‍याज, एजुकेशन लोन पर ब्‍याज, राष्‍ट्रीय पेंशन योजना ( एनपीएस) में योगदान, मेडिकल इंश्योरेंस, वरिष्‍ठ नागरिकों की चिकित्‍सा पर होने वाले खर्च आदि जैसी अतिरिक्‍त कटौतियों के साथ अधिक वाले व्‍यक्तियों को भी कोई टैक्स नहीं देना होगा। इससे मध्‍य वर्ग के करीब 3 करोड़ करदाताओं को करों में 18,500 करोड़ रुपये का लाभ मिलेगा।

इसके अलावा पिछले बजट में लाए गए स्टैंटर्ड डिडक्शन की सीमा भी मोदी सरकार ने 40 हजार रुपये से बढ़ाकर 50 हजार रुपये कर दी गई। यही नहीं, 40000 रुपये तक की ब्याज आय पर अब कोई टीडीएस नहीं देना होगा। पीयूष गोयल ने अपने बजट भाषण में बताया कि अगर 6.5 लाख रुपये तक की कमाई करने वाले प्रोविडेंट फंड और अन्य इक्विटीज में निवेश करते हैं तो कोई टैक्स नहीं देना होगा।

पीयूष गोयल ने कहा कि कि इस टैक्स छूट का लाभ 3 करोड़ मध्यवर्गीय करदाताओं को मिलेगा। नए स्लैब के मुताबिक 5 लाख रुपये तक की कमाई पर कोई टैक्स नहीं लगेगा। जबकि 5 लाख से 10 लाख रुपये तक की कमाई पर 20 फीसदी आयकर टैक्स लगेगा। जबकि 10 लाख से अधिक आमदनी वालों को 30 फीसदी कर वसूला जाएगा. यानी सरकार ने केवल 5 फीसदी वाले टैक्स स्लैब को खत्म कर दिया है।

 


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