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बुरारी मर्डर मिस्ट्री: पुलिस की थ्योरी- कोई मोक्ष नहीं, बेटे ललित ने लटकाया पूरा परिवार!

न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया | 2
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| जुलाई 3 , 2018 , 14:50 IST

ललित ने ही 'मोक्ष' के लिए परिवार के सभी सदस्यों को 'सूली' चढ़वाया और खुद भी आत्महत्या कर ली। एक परिवार के 11 सदस्यों के एकसाथ आत्महत्या के पीछे कोई बाबा या तांत्रिक का हाथ नहीं मिला है। यह बात पुलिस दावे से कह रही है। खुद वरिष्ठ पुलिस अधिकारी कह रहे हैं कि शुरुआत में उन्हें भी शक था कि ललित को कर्मकांड और सामूहिक आत्महत्या के लिए उकसाने में किसी बाबा या गुरु का हाथ हो सकता है, लेकिन आगे की जांच में लगभग साफ हो गया है कि उनका किसी बाबा से संपर्क नहीं था। ऐसा लग रहा है कि वह किसी गंभीर मानसिक रोग से ग्रस्त थे, क्योंकि वह अकसर अपने मृत पिता को देखने और उनसे सलाह-मशविरा करने का दावा करते थे। यहां तक कि मृत पिता की सलाह पर कारोबारी और प्रॉपर्टी की खरीद-फरोख्त के फैसले भी लिया करते थे।

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ललित था मानसिक रुप से रोगी

यह अलग बात है कि ललित को उनके परिजन मानसिक रोगी नहीं मानते थे, बल्कि उन्हें स्पेशल पावर से लैस मानते थे, इसलिए उन पर भरोसा करते थे, उनके साथ पूजा-पाठ आदि करते थे। ललित ने अपने मृत पिता से (काल्पनिक) बात करके मोक्ष का कर्म-कांड रजिस्टर में लिखा था। उसके लिए कई दिन से तैयारियां चल रही थीं। रजिस्टर की हैंडराइंडिंग को मिलान के लिए एक्सपर्ट्स के पास भेजा गया है। पुलिस के अनुसार, रजिस्टर में मोक्ष प्राप्ति के लिए जैसा-जैसा करने को लिखा गया, सभी सदस्यों ने वही किया।

पुलिस की थ्योरी में विरोधाभास

पता चल रहा है कि 1 जुलाई को तड़के 4:38 से भद्रा काल लग रहा था, जिसे अशुभ समय माना जाता है, इसलिए माना जा रहा है कि भद्रा लगने से पहले ही पूरा परिवार सूली चढ़ गया था। वहीं, दूसरी ओर पुलिस की थिअरी में एक बड़ा विरोधाभास यह सामने आ रहा है कि सूली पर मिले ललित के हाथ और मुंह बंधे मिले थे, इससे जाहिर है कि उन्होंने सबसे आखिर में फंदा नहीं लगाया था। इस बारे में पुलिस का कहना है कि हो सकता है कि ललित और उनकी पत्नी टीना ने पहले सभी सदस्यों को सूली पर चढ़ाया। उस दौरान जिन सदस्यों को डर लगा, उनके हाथ-मुंह व पैर बांध दिए। टीना की मदद से ललित ने भी उसी तरीके से फंदा लगाया। आखिर में टीना ने फांसी लगा ली।

 


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