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टाटा कंपनी ने बेच दी सरकार की जमीन, लगाया 4762 करोड़ का चूना

न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया | 0
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| फरवरी 3 , 2017 , 11:11 IST

टाटा कंपनी ने झारखंड में अनधिकृत रूप से सरकारी जमीन बेच दी है जिससे झारखंड सरकार को 4762 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। यह खुलासा नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक(सीएजी) ने अपनी रिपोर्ट में किया है। सीएजी ने झारखंड को 11,676 करोड़ रुपये राजस्व का नुकसान होने का खुलासा किया है। जिसमें सिर्फ टाटा प्रबंधन के कारण 4762 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है।

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झारखंड सरकार ने रिपोर्ट को सही माना

झारखंड सरकार के संसदीय कार्य मंत्री सरयू राय ने वर्ष 2015-16 के राजस्व प्रबंधन पर सीएजी की रिपोर्ट गुरुवार को विधानसभा में पेश की। इस रिपोर्ट में टाटा, डीवीसी समेत कई कंपनियों द्वारा सरकार को राजस्व नुकसान पहुंचाने की बात कही गई है। सरकार के राजस्व उगाही करने वाले विभागों के कामधाम पर गंभीर टिप्पणी की गई है। इसमें कहा गया है कि 11,676 करोड़ रुपए के नुकसान में से 10,282 करोड़ रुपये अभी भी वसूले जा सकते हैं। शेष 1394 करोड़ रुपए की वसूली संभव नहीं है।

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महालेखाकार (ऑडिट) सी नेदुच्छेदियन ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि टेस्ट चेक और परफॉर्मेंस ऑडिट में पता चला कि टाटा स्टील और डीवीसी ने अनधिकृत रूप से सरकारी जमीन बेच दी। लीज खत्म होने के बाद भी 2547 एकड़ जमीन का उपयोग किया। इससे सरकार को 3969 करोड़ का नुकसान हुआ है।

डिप्टी ऑडिटर जनरल (डीएजी)अजय कुमार झा ने बताया कि टाटा को 12,708 एकड़ जमीन लीज पर मिली थी। उसे सबलीज देने और जमीन को बेचने का अधिकार नहीं था। लेकिन उसने सरकार की सहमति से 144 एकड़ जमीन 200 लोगों और कंपनियों को सबलीज पर दे दी। इससे करीब 200 करोड़ का राजस्व नहीं मिला।

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