ख़ास रिपोर्ट

Special Report: 479 साल बाद फटने वाला है इटली का ये ज्वालामुखी

icon कुलदीप सिंह | 0
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| अक्टूबर 16 , 2017 , 13:33 IST

इटली के खूबसूरत शहर नेपल्स के करीब एक ऐसी अनोखी जगह है जहां दिन-रात धुंआ उठता रहता है। यहां हर वक्त ज्वालामुखी फटने का ख़तरा बना रहता है। ये जगह है इटली का कांपी फ्लेगराई ज्वालामुखी। वैसे इतिहास बताता है कि सन 1538 के बाद कांपी फ्लेगराई खामोश हो गया था। उसकी घाटी में जीवन पलने लगा था, लेकिन अब ज्वालामुखी फिर से अंगड़ाई ले रहा है और फटने की कगार पर पहुंच गया है। 

वैज्ञानिक समझना चाह रहे हैं कि यहां की जमीन के नीचे आखिर ऐसा क्या है, जो इस इलाके को इतना खतरनाक बनाता है। वे अक्सर आने वाले भूकंपों पर नजर रखते हैं और सैटेलाइटों की मदद से विशाल ज्वालामुखी की ऊपरी सतह पर होने वाले बदलावों की जांच करते हैं। पिछले 10 सालों में कांपी फ्लेगराई करीब आधा मीटर ऊंचा हो गया है।

वैज्ञानिक जानना चाहते हैं कि क्या ज्वालामुखी फटने के करीब है। इसके लिए वे ज्वालामुखी के अंदर से निकलने वाली गैसों का भी अध्ययन कर रहे हैं। अंदर से निकलने वाली कार्बन मोनोक्साइड की मात्रा पिछले 15 सालों में बढ़कर चौगुनी हो गयी है। 

भूगर्भ विज्ञानी जोवानी चियोदिनी कहते हैं,

"हमें कार्बन मोनोक्साइड का बढ़ना चिंतित कर रहा है. क्योंकि यह गैस तापमान पर निर्भर करती है. तापमान जितना ज्यादा होगा, उतनी ही गैस बनेगी। कार्बन मोनोक्साइड की बढ़ी हुई मात्रा यह भी दिखाती है कि सिस्टम गर्म हो रहा है"

यहां कार्बन मोनोक्साइड का बढ़ना चिंता की एकमात्र वजह नहीं है। अंदर से बाहर निकलने वाली भाप की मात्रा भी काफी बढ़ गयी है,और गैसों का तापमान भी बहुत बढ़ गया है।जोवानी चियोदिनी का मानना है कि गैसों के व्यवहार में बदलाव का कारण मैग्मा हो सकता है,

"हम समझते हैं कि यहां मैग्मा की गैसों की हलचल का मामला है। इस समय हम एक ऐसे चरण में हैं जब मैग्मा बड़ी मात्रा में तरल छोड़ता है। यह तरल हाइड्रोथर्मल सिस्टम में आता है जो ज्वालामुखी के ऊपरी हिस्से में होता है और यहां से बाहर निकलता है"

 

1. माउंट वेसुवियस, इटली 

आप इटली को ज़ायकेदार खाने के साथ-साथ वहां की वादियों के लिए जानते होंगे लेकिन ये ज्वालामुखी भी लोगों के लिए दिल लुभाने वाला रहा है. फ़िलहाल Vesuvius National park में स्थित है. यहां के लोग इस ज्वालामुखी को ऐतिहासिक महत्व भी देते हैं। ये लावा अंतिम बार 1944 में फूटा था। 

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2. माउंट फुजी, जापान 

ये ज्वालामुखी टोक्यो से लगभग 100 किलोमीटर की दूरी पर है. ये यहां की क्षेत्रीय सभ्यता में काफ़ी महत्व रखता है. इस ज्वालामुखी को आस-पास से पांच झीलों ने घेर रखा है. ये ज्वालामुखी जापान की सबसे ऊंची चोटी पर स्थित है. साल 1707 में ये अंतिम बार फूटा था.

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3. माउंट एटना, इटली 

यह ज्वालामुखी सिसली द्वीप पर स्थित है. इसकी चोटी बर्फ़ से ढकी हुई है. इसकी ऊंचाई लगभग 3329 मीटर है, जो यूरोप में सबसे अधिक है. यहां जाने के लिए पर्यटक जीप भी बुक कर सकते हैं. यहां जाने के लिए अप्रैल से नवंबर तक का समय सबसे उचित है. उसके बाद मौसम में बदलाव की वजह से यहां के रास्ते आपको बंद मिलेंगे. यूनेस्को भी इसे अपनी विश्व धरोहर की सूची में शामिल कर चुका है.

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4. अरेनल ज्वालामुखी, कोस्टारिका 

1968 में यह ज्वालामुखी अंतिम बार फूटा था. और Tabacon नाम का एक शहर लगभग तबाह हो गया था. आज अगर आप बहते लावे को देखना चाहते हैं तो यह एक बेहतरीन गंतव्य साबित हो सकता है. पर्यटक यहां ट्रैकिंग, रॉफ़्टिंग और स्विमिंग करने के लिए आते रहते हैं. बसंत के मौसम में आप यहां की झीलों के नज़ारों का लुत्फ़ उठा सकते हैं.

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5. Thrihnukagigur, आइसलैंड 

यह ज्वालामुखी काफ़ी पुराना है. वैज्ञानिकों ने कयास लगाया है कि भविष्य में इसके अस्तित्व पर भी खतरा मंडरा रहा है. इसके बारे में आकर्षित करने वाली बात यह है कि विश्व का यह एकमात्र ऐसा ज्वालामुखी है जिसके अंदर जाकर उसका मज़ा उठाया जा सकता है. इसके अंदर की दुनिया 120 मीटर गहरी और संकरे पत्थरों से गहराई हुई है. फ़िलहाल ये Bláfjöll Country Park का हिस्सा है.

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6. माउंट सेंट हेलेना,अमेरिका  

1957 में जब आख़िरी बार इस ज्वालामुखी का मुंह खुला था तो यह लगभग 57 लोगों को निगल गया था. यह अमेरिका के कुछेक सक्रिय ज्वालामुखी में से एक है. बहुतेरे पर्यटक हरेक साल यहां आते हैं. 1987 में इसके पास एक निरीक्षणकर्ताओं के लिए ऑफ़िस खोला गया, जो इससे संबंधित पल-पल की जानकारी को ध्यान में रखता हैं ताकि जान-माल के नुकसान से बचा जा सके.

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7. माउंड ब्रोमो, इंडोनेशिया 

यह ज्वालामुखी दक्षिण-पश्चिम एशिया में सबसे चर्चित है. इसका नाम हिंदूओं के भगवान ब्रम्हा के नाम पर रखा गया है. इस इलाके में इससे संबंधित कई कहानियां और किस्से प्रचलित हैं. एक त्यौहार के दौरान यहां के क्षेत्रीय लोग इस ज्वालामुखी में सब्जियां और फल फेंकते हैं. सूर्योदय देखने के लिए यहां लोग देश-विदेश से आते हैं.

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8. माउंट किलीमंजारो,तंजानिया 

किलीमंजारों अफ्रीका और दुनिया की सबसे लंबी पर्वत श्रृंखला में से एक है. हर साल इस पर्वत पर लगभग 20,000 हज़ार लोग चढ़ाई करते हैं. किलीमंजारों एक लंबे क्षेत्रफल में फैली हुई है. इसी के चलते यहां चढ़ने में आसानी होती है. इसकी ऊंचाई लगभग 5895 मीटर है.

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9. माउंट क्राकटोआ, इंडोनेशिया 

यह ज्वालामुखी दुनिया के कुछ सक्रिय और खतरनाक ज्वालामुखियों में से एक है. 1883 में इसके फूटने से बहुत तबाही हुई थी. अब तक इस इलाके में आई सुनामियों के कारण लगभग 35000 लोग अपनी जान गवां चुके हैं. 1930 में यहां एक द्वीप का निर्माण किया गया, जिसका नाम Anak Krakatau है. बोटिंग के लिए यह जगह पर्यटकों की पहली पसंद है.

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10.Popocatepetl Volcano, Mexico

इसे EI Popo के नाम से भी जाना जाता है. ये दक्षिण-पश्चिम मेक्सिको से लगभग 70 किलोमीटर की दूरी पर है. साल 2013 में ये ज्वालामुखी फट चुका है. इससे थोड़ी ही दूरी पर स्पेनिश भिक्षुओं का बसेरा है. फ़िलहाल इस ज्वालामुखी को यूनेस्को ने अपने विश्व धरोहर में शामिल कर लिया है। 

 


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कुलदीप सिंह

Executive Editor - News World India. Follow me on twitter - @KuldeepSingBais

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