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खालिस्तानी आतंकी को डिनर में बुलाने पर घमासान, कनाडा के पीएम ने कहा- यह भूल थी

न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया | 0
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| फरवरी 22 , 2018 , 19:49 IST

कनाडा के उच्चायुक्त नादिर पटेल ने दोषी करार दिए गए खालिस्तानी आतंकी जसपाल अटवाल का आज रात्रिभोज का निमंत्रण रद्द कर दिया है। पटेल ने भारत की यात्रा पर आए कनाडा के प्रधानंमत्री जस्टिन ट्रूडो और उनके प्रतिनिधिमंडल के सम्मान में यह रात्रिभोज आयोजित किया है।

दरअसल, कनाडा के ही एक सांसद रणदीप एस. सराय ने ट्रूडो के डिनर में खालिस्तान समर्थक आतंकी जसपाल अटवाल को आमंत्रित किया था। उन्होंने यह बात स्वीकार करते हुए माफी भी मांगी है।

कनाडाई उच्चायोग ने यहां कहा, ‘‘उच्चायोग ने अटवाल के निमंत्रण को रद्द कर दिया है। हम प्रधानमंत्री की सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर टिप्पणी नहीं करते।’’

अटवाल 1986 में पंजाब के तत्कालीन मंत्री मलकीत सिंह सिधु की वैंकुवर में हत्या का प्रयास करने का दोषी है।

अटवाल के निमंत्रण को रद्द करने का यह कदम त्रुदू के खालिस्तान समर्थक रूख की पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह सहित अनेक लोगों की आलोचना के बाद उठाया गया है।

अमरिंदर ने एक बैठक में त्रुदू के समक्ष यह मुद्दा उठाया जिस पर कनाडाई प्रधानमंत्री ने उन्हें आश्वस्त किया कि उनका देश भारत अथवा कहीं भी अलगाववाद का समर्थन नहीं करता।

गौरतलब है कि इस खालिस्तानी आतंकवादी से ट्रूडो की पत्नी की मुलाकात की तस्वीर सामने आने के बाद विवाद खड़ा हो गया। इस बीच, कनाडा के पीएम ने कहा है कि उन्होंने इसे गंभीरता से लिया है।

जस्टिन ट्रूडो ने कहा, 'उसे (अटवाल) आमंत्रित नहीं किया जाना चाहिए था। जैसे ही हमें यह सूचना मिली, हमने इसे कैंसल कर दिया।'

पीएम ट्रूडो ने भी कहा कि उनके एक सांसद ने इस व्यक्ति को आमंत्रित किया था। वहीं, गुरुवार को विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कहा कि जसपाल अटवाल को वीजा कैसे मिला, इसकी विस्तृत जानकारी अपने मिशन से ली जा रही है। गौरतलब है कि नई दिल्ली स्थित कनाडा के उच्चायोग में यह डिनर गुरुवार को रखा गया है।

उन्होंने कहा, 'इस मामले के दो पहलू हैं उसकी (अटवाल) मौजूदगी और वीजा। कनाडा ने पहले ही साफ कर दिया है कि आमंत्रण वापस ले लिया गया है। वीजा के बारे में मुझे नहीं पता कि यह कैसे मिला। हम इसके बारे में पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं।'

MEA का कहना है कि तय नियमों के तहत हमें पता चल जाएगा कि आखिर वह भारत कैसे पहुंचा।

उधर, कनाडा के सांसद सराय ने एक बयान में कहा, 'इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम में शामिल होने के लिए मैंने अकेले ही उसके अनुरोध को आगे बढ़ाया। मैं इसके लिए पूरी जिम्मेदारी लेता हूं।' सांसद के बयान को कनाडा के एक पत्रकार ने ट्विटर पर शेयर किया है।

जाने कौन है जसपाल अटवाल-

अटवाल पर 1986 में वैंकूवर आइलैंड पर भारतीय कैबिनेट मंत्री मलकीयत सिंह सिंधू की हत्या का प्रयास करने का आरोप है। उस समय अटवाल कनाडा, अमेरिका, ब्रिटेन और भारत में एक आतंकी समूह के तौर पर बैन किए गए इंटरनेशनल सिख यूथ फेडरेशन के सदस्य थे। इसके अलावा अटवाल को 1985 में एक ऑटोमोबाइल फ्रॉड केस में भी दोषी पाया गया था।

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इंटरनेशनल सिख यूथ फेडरेशन को कनाडा सरकार ने 1980 में एक आतंकवादी संगठन घोषित कर दिया था। अटवाल उन चार लोगों में से एक थे जिन्होंने 1986 में वैंकूवर में सिंधू की कार पर गोलियां चलाईं थीं। अटवाल ने सिंधू पर हुए हमले में अपनी भूमिका होने की बात स्वीकार की थी।


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