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स्पेन के प्रधानमंत्री ने भंग की कैटेलोनिया की संसद, 21 दिसंबर को होगा मतदान

icon अमितेष युवराज सिंह | 0
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| अक्टूबर 28 , 2017 , 07:32 IST

आजादी की लम्बी लड़ाई लड़ रहा कैटेलोनिया अब आजाद मुल्क बन गया है। कैटलोनिया की क्षेत्रीय संसद ने विवादित मतदान के बाद शुक्रवार को स्पेन से आजादी की घोषणा कर दी। वहीं, शुक्रवार को ही स्पेन की संसद कैटेलोनिया पर सीधे नियंत्रण बनाए रखने के लिए मतदान कराने की योजना में थी, लेकिन उससे पहले ही कैटेलोनिया की संसद ने मतदान कर इसकी घोषणा कर दी। हालांकि बाद में स्पेन की संसद में मसले को लेकर बैठक हुई और स्पेन को कैटेलोनिया पर सीधे नियंत्रण करने की शक्ति दी गई।

विपक्ष वॉकआउट के बावजूद हुआ मतदान:

कैटेलोनिया की 135 सदस्यीय संसद में विपक्षी सांसदों ने प्रस्ताव पर विचार करने से इनकार किया और वॉकआउट कर गए। एक ने इसे लोकतंत्र के लिए काला दिन करार दिया। विपक्ष के वॉकआउट के बाद कैटेलोनिया की संसद में प्रस्ताव पर गुप्त मतदान हुआ। आजादी की घोषणा वाले प्रस्ताव के पक्ष में 70 और विपक्ष में 10 वोट पड़े। जबकि दो सदस्य मतदान से अनुपस्थित रहे।

स्पेन के प्रधानमंत्री ने कातालूनीया की संसद भंग की:

स्पेन के प्रधानमंत्री मरिआनो रजोय ने शुक्रवार को कहा कि उन्होंने कातालूनीया की संसद भंग कर दी है और 21 दिसंबर को क्षेत्रीय चुनाव का आह्वान किया है। उन्होंने कातालूनीया में अलगाववादी आंदोलन को रोकने के लिए सीनेट द्वारा प्रदत्त अधिकारों के तहत ऐसा किया। रजोय ने यह भी कहा कि उन्होंने कातालूनीया के अलगाववादी नेता कार्ल्स पुइगदेमोंत और उनके प्रशासन को औपचारिक रूप से बर्खास्त कर दिया। ऐसा उन्होंने स्थिति सामान्य करने के उपायों के तहत किया। इससे पहले शुक्रवार को कातालूनीया की संसद ने आजादी के पक्ष में मतदान किया था।

कैटेलोनिया का इतिहास:

कैटेलोनिया स्पेन के सबसे समृद्ध इलाकों में से एक है। स्पेन में गृहयुद्ध से पहले इसे स्वायत्तता मिली थी। साल 1939 से 1975 के बीच जनरल फ्रांसिस्को फ्रैंको के नेतृत्व में कैटेलोनिया की इस स्वायत्तता को खत्म कर दिया गया था। हालांकि जब फ्रैंको की मौत हो गई, तो कैटेलोनिया को आजाद करने की फिर से मांग उठने लगी।

इसका नतीजा यह हुआ कि साल 1978 के संविधान में इसके पूर्वोत्तर इलाकों को फिर से स्वायत्तता देनी पड़ी। इसके बाद साल 2006 में एक अधिनियम के तहत कैटेलोनिया की शक्तियों में इजाफा कर दिया गया।

इस बीच कैटेलोनिया का आर्थिक दबदबा बढ़ा और वह एक राष्ट्र के रूप में देखा जाने लगा। हालांकि यह ज्यादा दिन नहीं रही और स्पेन की कोर्ट ने साल 2010 में सारी शक्तियां वापल ले ली, जिससे कैटेलोनिया प्रशासन नाराज हो गया था।

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अमितेष युवराज सिंह

लेखक न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया में असिस्टेंट एग्जीक्यूटिव एडिटर हैं

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