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फिर निकला बोफोर्स का जिन्न! CBI ने सरकार से मांगी SC में याचिका देने की इजाजत

सतीश वर्मा, न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया | 0
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| अक्टूबर 20 , 2017 , 22:07 IST

निजी जासूस माइकल हर्शमैन के दावों के बाद बोफोर्स मामला एक बार फिर सुर्ख‍ियों में आ गया है। इसे लेकर बीजेपी जहां कांग्रेस पर हमलावर हो गई है तो अब सीबीआई ने भी इस मामले में पहल कर दिया है। एक उच्च अधिकारी के अनुसार सीबीआई ने बोफोर्स मामले में उच्चतम न्यायालय में विशेष अनुमति याचिका दाखिल करने के लिए सरकार से मंजूरी देने का आग्रह किया है।

Bofors

बता दें कि इससे पहले सीबीआई ने कहा था कि वह निजी जासूस माइकल हर्शमैन के दावों के अनुरूप बोफोर्स घोटाले के तथ्यों और परिस्थितियों पर विचार करेगी। हर्शमैन ने आरोप लगाया है कि दिवंगत कांग्रेस नेता राजीव गांधी की अगुवाई वाली सरकार ने उसकी जांच में रोड़े अटकाए थे।

हर्शमैन ने क्या लगाए थे आऱोप

अमेरिका स्थित निजी जासूसी एजेंसी ‘फेयरफैक्स’ के अध्यक्ष हर्शमैन ने हाल में टीवी चैनलों को दिए इंटरव्यू में दावा किया है कि राजीव गांधी को जब स्विस बैंक खाते ‘मोंट ब्लैंक’ के बारे में पता चला था तो वह काफी ‘‘गुस्से में थे। निजी जासूसों के एक सम्मेलन को संबोधित करने के लिए पिछले हफ्ते यहां आए हर्शमैन ने यह आरोप भी लगाया था कि बोफोर्स तोप स्कैंडल के रिश्वत का पैसा स्विस खाते में रखा गया था।

ईरानी कर चुकी है प्रेस कॉन्फ्रेंस

वहीं बीजेपी भी निजी जासूस माइकल हर्शमैन के दावों पर प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कांग्रेस पर हमला बोल चुकी है। ईरानी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कांग्रेस से पूछा था कि हर्शमैन के दावे के अनुसार वह पाकिस्तानी ना‍गरिक कौन है, जिसने राजीव गांधी से मुलाकात की। उसके दिए ब्रीफकेस में क्या था। ईरानी ने कहा कि इन सवालों का जवाब कांग्रेस को देना चाहिए।

ईरानी ने हर्शमैन के इंटरव्यू के उस पार्ट का जिक्र किया जिसमें बोफोर्स मामले में पाकिस्तानी कनेक्शन होने की बात सामने आई है। स्मृति ईरानी ने बताया कि माइकल हर्शमैन ने ये भी दावा किया है कि उनको कई बार बोफोर्स पर घूस देने की कोशिश की गई और जान से मारने की भी धमकी दी गयी।

 

 


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