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अवैध रेलवे टिकटिंग सॉफ्टवेयर चला रहा था CBI प्रोग्रामर, हुई गिरफ्तारी

न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया | 0
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| दिसंबर 27 , 2017 , 20:13 IST

सीबीआई ने रेलवे में कालाबजारी को लेकर बड़ा ही कड़ा रुख अख्तियार किया है। टिकटों की कालाबजारी के आरोप में सीबीआई ने अपने ही प्रोग्रामर अजय गर्ग को गिरफ्तार किया है। सीबीआई ने देश में 14 जगहों पर छापेमारी कर 89 लाख रुपये कैश और 69 लाख रुपये के गहने बरामद किए हैं।

इनमें दिल्ली, मुंबई और उत्तर प्रदेश के कई शहर शामिल हैं। अब तक की छापेमारी में 89 लाख रुपये नकद, दो सोने के बिस्कुट, 61 लाख रुपये की ज्वैलरी, 15 लैपटॉप, 15 हार्ड डिस्क, 52 मोबाइल फोन, 24 सिम, 6 वाईफाई राउटर, चार इंटरनेट डोंगल और 19 पेन ड्राइव समेत बहुत सारा सामान बरामद हुआ है।

इस मामले में अवैध रेलवे टिकटिंग सॉफ्टवेयर बनाने के आरोप में सीबीआई ने खुद अपने ही सहायक प्रोग्रामर अजय गर्ग के साथ एक अन्य आरोपी अनिल कुमार गुप्ता नाम के एक शख्स को गिरफ्तार किया है।

अजय गर्ग ने साल 2012 में सीबीआई ज्वाइन की थी। सीबीआई में आने से पहले वो आईआरसीटीसी में काम करता था, इसीलिए उसे सिस्टम की कमियां पता थीं। फिलहाल सीबीआई ने अजय गर्ग को दिल्ली की कोर्ट में पेश किया जहां उसे पांच दिन की रिमांड पर भेज दिया गया है।

बता दें कि रेलवे टिकटों के इस घोटाले में आरोपी पैसे दुनिया की वर्चुअल करेंसी माने जाने वाली बिटकॉइन में लेता था।

गौरतलब है कि रेलवे टिकट में लगातार धांधली की वजह से आम यात्रियों को समय पर टिकट नहीं मिल पाता है। इसी बात का फायदा टिकट एजेंट उठाते हैं। वो यात्रियों की मजबूरी का फायदा उठाकर टिकट के बदले उनसे मनमाना दाम वसूलते हैं।

रेलवे और आईआरसीटीसी ऐसे एजेंटों और लोगों की पहचान के लिए कई कदम उठाने का दावा भी कर चुका है लेकिन सफलात मिलती नहीं दिख रही है। जिस ट्रेन में जितनी भीड़ होती है टिकटे एजेंट उस ट्रेन के टिकट का उतना ही ज्यादा दाम वसूलकर गैरकानूनी मुनाफा कमाते हैं।


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