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IDBI में 445 करोड़ का घोटाला आया सामने, पूर्व जीएम समेत 31 पर केस दर्ज

न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया | 0
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| मार्च 24 , 2018 , 10:25 IST

केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने आईडीबीआई ( IDBI) बैंक के पूर्व जनरल मैनेजर बट्टू रामा राव और 30 अन्य लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया है। इन लोगों पर बैंक के 445.32 करोड़ के घोटाले का आरोप है।

अधिकारियों ने बताया कि इस मामले में फर्जी दस्तावेजों के आधार पर किसान क्रेडिट कार्ड और मत्स्य खेती ऋण हासिल किए गए। एजेंसी का आरोप है कि 2009-10, 2010-11 और 2011-12 के दौरान 21 एग्रीगेटर समूहों के 220 लोगों ने 192.98 करोड़ रुपये का कर्ज लिया। इन लोगों ने बैंक के पूर्व जीएम बट्टू रामा राव के साथ आपराधिक साजिश कर फर्जी दस्तावेजों के आधार पर यह कर्ज लिया। यहीं नहीं उन्होंने कर्ज के लिए जमानत का मूल्य भी बढ़ाचढ़ाकर दिखाया है। इसके बाद यह एनपीए बन गया।

जिसके बाद 30 सितंबर 2017 तक इन कर्जदारों का बकाया बढ़कर 445.32 करोड़ रुपये हो गया। सीबीआई के मुताबिक लोन लेने वाले लोगों ने बट्टू रामा राव के साथ सांठगांठ कर बैंक से कर्ज लिया। इस वक्त राव दक्षिण चेन्नई के आईडीबीआई बैंक की बशीराबाग ब्रॉन्च में कार्यरत थे।

प्राथमिकी में दर्ज अन्य व्यक्तियों में आदिलक्ष्मी समूह के एम.एल. राव, एस. सुधाकर समूह के समयमंथूला सुधाकर, एन.वी. सुब्बा राजू समूह से नदीमपल्ली वेंकट, सुब्बा राजू, के.एस.वी. प्रसाद राजू, नदीमपल्ली रामा राजू, टी.सी. वेंकटेश्वर राव, पी.एस. चौधरी और बी.सी. रेड्डी व अन्य लोग हैं। सीबीआई ने बैंक समिति के सात सदस्यों पर भी आपराधिक षड्यंत्र रचने, धोखाधड़ी, जालसाजी और आपराधिक कृत्य करने का मामला दर्ज किया है।

सीबीआई के मुताबिक लिए गए लोन का इस्तेमाल उन उद्देश्यों के लिए नहीं किया गया, जिसके लिए यह लिया गया था। शिकायत पत्र के मुताबिक कर्ज राशि बैंक द्वारा कर्जदारों के खातों में डाली गई जिसे बाद में व्यक्तिगत बैंक अकाउंट में ट्रांसफर कर दिया गया। जिसके बाद इस रकम का इस्तेमाल मत्स्य पालन के लिए नहीं बल्कि निजी कामों के लिए किया गया।


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