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बोफोर्स केस में SLP दाखिल न करे CBI: AG वेणुगोपाल

icon अमितेष युवराज सिंह | 0
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| जनवरी 30 , 2018 , 13:08 IST

बोफोर्स मामले में अटॉर्नी जनरल के के वेणुगोपाल ने सरकार को सलाह दी है। बता दें उन्होंने कहा कि CBI को बोफोर्स मामले में स्पेशल लीव पिटीशन फाइल नहीं करनी चाहिए क्योंकि इस मामले को सुप्रीम कोर्ट में खारिज किया जा सकता है।जानकारी के लिए बता दें डिपार्टमेंट ऑफ पर्सनल एण्ड ट्रेनिंग को लिखे पत्र में वेणुगोपाल ने कहा कि CBI को कोर्ट में लंबित ऐसे ही एक मामले में अपना मत साफ करना चाहिए।

इस मामले में CBI ने पहले ही कहा था कि वह एक SLP फाइल करना चाहती है जिसमें दिल्ली हाई कोर्ट के 31 मई 2005 के फैसले को चुनौती देने की बात कही गई थी। बता दें इस फैसले में यूरोप आधारित हिंदुजा ब्रदर्स के खिलाफ बोफोर्स मामले में सभी आरोप खारिज किये गए थे। इस मामले में CBI ने 22 जनवरी 1990 को भी एक एफआईआर दर्ज की थी।

जिसमें स्वीडिश आर्म्स  मैन्यूफैक्चर्स बोफोर्स के प्रेसीडेंट मार्टिन अर्डबो, मध्यस्थ बिन चढ्ढा और हिंदुजा पर आपराधिक साजिश रचने का, धोखाधड़ी का और जालसाजी का मामला दर्ज किया गया था।मिले सूत्रों के मुताबिक DoPT ने CBI की मांग पर अटॉर्नी जनरल से कानूनी राय मांगी थी।

जिसके बाद DoPT के सचिव को लिखे पत्र में वेणुगोपाल ने कहा कि अब इस मामले में 12 साल गुजर चुके हैं। ऐसे में अगर इस मामले में SLP दाखिल की जाती है तो सुप्रीम कोर्ट इसे खारिज कर देगा क्योंकि इस मामले में पहले ही बहुत देरी हो चुकी है। इतना ही नहीं उन्होंने आगे कहा कि रिकॉर्डस में ऐसी कोई भी वजह नहीं है।

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जिसमें सुप्रीम कोर्ट को यह बताया जा सके कि मामले को उसके समक्ष लाने में इतनी देरी क्यों हुई। जानकारी के लिए बता दें बोफोर्स मामले में याचिकाकर्ता और सुप्रीम कोर्ट के वकील अजय अग्रवाल ने केके वेणुगोपाल को पत्र लिखकर यह अनुरोध किया है कि वह CBI से कहें कि बोफोर्स मामले में उत्तर सहित हलफनामा पेश करें और जो भी जरूरी कागजात हों उन सब को भी जमा करें।


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अमितेष युवराज सिंह

लेखक न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया में असिस्टेंट एग्जीक्यूटिव एडिटर हैं

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