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CBI करेगी ICICI बैंक सीईओ चंदा कोचर के पति के खिलाफ जांच, प्रारंभिक जांच का केस दर्ज़

न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया | 0
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| मार्च 31 , 2018 , 13:21 IST

CBI ने ICICI बैंक की सीईओ चंदा कोचर के पति दीपक कोचर के खिलाफ PE यानी प्रारंभिक जांच का केस दर्ज़ कर लिया है। सीबीआई ICICI बैंक द्वारा वीडियोकॉन समूह को दिए 3,250 करोड़ रुपए के लोन में हुई कथित हेराफेरी की जांच करेगी। बता दें ICICI बैंक सीईओ चंदा कोचर पर वीडियोकॉन के मालिक वेणुगोपाल धूत के जरिए अपने पति दीपक कोचर, भाभी और ससुर को लाभ पहुंचाने का आरोप लगा था। हालांकि बैंक के बोर्ड ने आरोपों को बेबुनियाद बताते हुए कोचर को क्लीनचिट दे दी है।

NPA हो गया Videocon को दिया गया लोन

2012 में आईसीआईसीआई बैंक ने वीडियोकॉन ग्रुप को 3,250 करोड़ रुपए का लोन दिया था, जिसमें से 2,810 करोड़ रुपए नहीं लौटाए गए। बैंक ने 2017 में इसे एनपीए घोषित कर दिया था।
ICICI बैंक ने  एमडी चंदा कोचर का बचाव करते हुए कहा था कि उनका बैंक 20 बैंकों के कंसोर्टियम का हिस्सा भर था। इस कंसोर्टियम ने वीडियोकॉन ग्रुप को 40 हजार करोड़ रुपए का लोन दिया था।

 

क्या हैं चंदा कोचर के पति पर आरोप? 

सूत्रों की मानें तो CBI वेणुगोपाल धूत और दीपक कोचर के बिजनेस रिश्तों की जांच कर रही हैं। 
अपुष्ट मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, वीडियोकॉन ग्रुप के प्रमुख वेणुगोपाल धूत ने दिसंबर 2008 में दीपक कोचर, दीपक के पिता और चंदा कोचर की भाभी के साथ मिलकर नू पावर प्रा. लि. नाम से कंपनी बनाई। धूत अपने परिवार के सदस्यों के साथ इस कंपनी में 50% शेयर के मालिक थे। बाकी 50 प्रतिशत शेयर दीपक कोचर, उनके पिता तथा चंदा कोचर की भाभी के पास था।

कैसे हुआ हेरफेर? 

  • जनवरी 2009 में धूत ने कंपनी के डायरेक्टर पद से इस्तीफा दे दिया और अपने 24,999 शेयर दीपक कोचर को ढाई लाख रुपए में बेच दिए। 
  • मार्च 2010 में नू पावर ने 64 करोड़ रुपए का लोन धूत की दूसरी कंपनी सुप्रीम एनर्जी प्राइवेट लिमिटेड से हासिल किया। सुप्रीम इनर्जी के 99.9% शेयर के मालिक वेणुगोपाल थे। 
    नवंबर 2010 में धूत ने सभी शेयर सुप्रीम एनर्जी के अपने सहयोगी महेश चंद्र पुंगलिया को सौंप दिए। 

  • 29 सितंबर 2012 से 29 अप्रैल 2013 के बीच पुंगलिया ने दीपक कोचर के पिंकल एनर्जी नाम के ट्रस्ट को अपनी पूरी संपत्ति सिर्फ 9 लाख रुपए में दे दी।

  • इस ट्रस्ट के दीपक कोचर मैनेजिंग ट्रस्टी हैं। इसी दौरान 2012 में आईसीआईसीआई बैंक ने वीडियोकॉन को 3,250 करोड़ रुपए का लोन दिया।
  • 2017 में वीडियोकॉन समूह के 2,810 करोड़ रुपए के कर्ज को आईसीआईसीआई बैंक ने एनपीए में डाल दिया।

 


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