नेशनल

CBIvsCBI: जस्टिस बोले- CBI चीफ घूस लेते पकड़े जाते तो कोर्ट या कमेटी के सामने खड़े होते

न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया | 0
1728
| नवंबर 29 , 2018 , 15:59 IST

सीबीआई बनाम सीबीआई मामले में सुप्रीम कोर्ट में गुरुवार को सुनवाई जारी है। आलोक वर्मा फिर से सीबीआई चीफ बहाल किए जाएंगे या फिर छुट्टी पर ही रहेंगे, इसे आज सुप्रीम कोर्ट तय करेगा। सुप्रीम कोर्ट को यह तय करना है कि छुट्टी पर भेजे गए सीबीआई डायरेक्टर आलोक वर्मा वापस ड्यूटी पर लौटेंगे या आगे उन्हें जांच का सामना करना होगा।

सुप्रीम कोर्ट में आज छुट्टी पर भेजे गए सीबीआई के डायरेक्टर आलोक वर्मा की याचिका पर सुनवाई होगी। पिछली सुनवाई के दौरान सीजेआई ने आलोक वर्मा की याचिका पर सुनवाई टाल दी थी। सीजेआई रंजन गोगोई ने आलोक वर्मा के सीलबंद लिफाफे की बातें सार्वजनिक होने पर नाराजगी जाहिर की। इसके साथ ही 29 नवंबर तक सुनवाई टाल दी।

123सुनवाई शुरू होते ही चीफ जस्टिस रंजन गोगोई आलोक वर्मा के वकील फली नरीमन से मुखातिब हुए। चीफ जस्टिस की बेंच ने फली नरीमन को मीडिया रिपोर्ट थमाते हुए पूछा कि आलोक वर्मा द्वारा सीलबंद लिफाफे मंर सौंपी गई रिपोर्ट मीडिया में कैसे लीक हुई। इसपर वर्मा के वकील नरीमन ने कहा कि उन्हें भी नहीं मालूम रिपोर्ट कैसे लीक हुई।

मुख्य न्यायाधीश ने अपनी टिप्पणी में यहां तक कह दिया कि आपमें से कोई भी सुनवाई के लायक नहीं है। और इसक् साथ ही सीजेआई ने सुनवाई को 29 नवंबर तक क लिए टाल दिया है।

बंद लिफाफे में जवाब दाखिल किया

सीबीआई डायरेक्टर वर्मा ने उन पर लगे भ्रष्टाचार के आरोपों को लेकर सीवीसी की रिपोर्ट पर सोमवार को ही अपना जवाब दाखिल किया था। सुप्रीम कोर्ट ने सीबीआई निदेशक के खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोपों पर सीवीसी की प्रारंभिक रिपोर्ट पर 16 नवंबर को आलोक वर्मा को सीलबंद लिफाफे में सोमवार तक जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया था।

छुट्टी पर भेजे गए दोनों अधिकारी

राकेश अस्थाना के खिलाफ एफआईआर दर्ज होने के बाद सीबीआई के कुछ अधिकारियों की गिरफ्तारियां भी की गई थीं। जिसके जवाब में राकेश अस्थाना ने सीबीआई निदेशक आलोक वर्मा के खिलाफ ही करप्शन के आरोप लगाए थे। सीबीआई के दोनों बड़े अधिकारियों के बीच पनपे इस विवाद के बाद केस की जांच सीवीसी को सौंपी गई थी और 23 अक्टूबर को दोनों अधिकारियों को छुट्टी पर भेज दिया गया था।


कमेंट करें