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2021 की जनगणना में पहली बार OBC के आंकड़े जुटाएगी केंद्र सरकार

न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया | 0
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| सितंबर 1 , 2018 , 12:29 IST

भारत सरकार ने एक अहम फैसला लिया है। जिसके तहत 2021 में होने वाली अगली जनगणना में अन्य पिछड़ा वर्ग की भी गिनती की जाएगी। ऐसा पहली बार होगा जब जनगणना में ओबीसी में आने वाले सभी जाति के आंकड़े अलग से जुटाए जाएंगे। इससे पहले 1931 में ओबीसी की जनगणना की गई थी। इसी के आधार पर वीपी सिंह सरकार ने ओबीसी को 27% आरक्षण दिया था। गृहमंत्रालय ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।

JAN-3गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने अपने राज्य मंत्रियों और अधिकारियों के साथ 2021 के जनगणना की तैयारियों की समीक्षा की। मंत्रालय के मुताबिक इस बार जनगणना की प्रक्रिया पूरी होने के तीन साल के भीतर ही अंतिम रिपोर्ट तैयार कर ली जाएगी। अबतक इसमें सात से आठ साल का वक्त लग जाता था।

गृह मंत्रालय के प्रवक्ता ने बताया कि राजनाथ सिंह के साथ हुई बैठक में जनगणना 2021 के रोडमैप पर चर्चा हुई। जनगणना के लिए 25 लाख कर्मचारियों को ट्रेनिंग भी दी जाएगी। मंत्रालय ने जानकारी दी कि इस बार घरों, गांवों और आवासिय क्षेत्रों की गणना में उनके पहचान के लिए तकनीकी नक्शे और सेटेलाईट मैपिंग को भी शामिल किया जाएगा।  

गृहमंत्री ने समीक्षा के दौरान दूर दराज के इलाकों में जन्म और मृत्यु के सही पंजीकरण पर जोर दिया। इसके अलावा बच्चों व माताओं की मृत्यु दर और प्रजनन क्षमता से जुड़े आंकड़े भी इकट्ठा करने की तैयारी चल रही है। 

2006 में 41 फीसद थी ओबीसी आबादी

राष्ट्रीय नमूना सर्वेक्षण संगठन (एनएसएसओ) ने 2006 में एक सैंपल सर्वे रिपोर्ट जारी की थी। इसमें बताया गया था कि देश की कुल आबादी में से 41 फीसद ओबीसी की है। संगठन ने देश के 79,306 ग्रामीण घरों और 45,374 शहरी घरों का सर्वे कर यह रिपोर्ट तैयार की थी।

 


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