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नवरात्र स्पेशल: शुद्धता के साथ करें व्रत-अनुष्ठान, जानें कलश स्थापना का शुभ मुहूर्त

आशुतोष कुमार राय, न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया | 0
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| मार्च 17 , 2018 , 15:43 IST

नववर्ष के पंचांग की गणना शुरू होती है। नवरात्रि के पहले दिन घटस्थापना की जाती है। इसके बाद नवरात्रि के नौ दिन मां की पूजा जाती है। नवरात्रि के नौ दिन मां के अलग-अलग स्वरुप की पूजा की जाती है। चैत्र में नवरात्रि में उपासना, पूजा करने से आत्मशुद्धि के साथ-साथ घर की नाकारात्मकता भी दूर होती है।

वातावरण में साकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। नवरात्रि 18 मार्च, 2018 से आरंभ होकर 26 मार्च, 2018 तक है। तो यदि आप भी इस वर्ष घर में मां दुर्गा के आशीर्वाद से सुख एवं समृद्धि पाना चाहते हैं तो जानिए कैसे करें घर में नवरात्रि कलश की स्थापना एवं साथ ही जानिए पूजन विधि।

इस वर्ष चैत्र नवरात्रि की प्रथम तिथि पर घर में कलश स्थापित करने के लिए ज्योतिषियों द्वारा शुभ मुहूर्त प्रदान किया गया है। यह मुहूर्त 28 मार्च की प्रात: 6 बजकर 17 मिनट पर पारंभ होगा, जो कि 07 बजकर 46 मिनट तक मान्य रहेगा। यानि कि कुल मिलाकर यह मुहूर्त 1.28 घंटे का है। इस बीच यदि कलश स्थापित किया जाए तो शुभ माना जाएगा।

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18 मार्च (रविवार), 2018 : घट स्थापन एवं माँ शैलपुत्री पूजन
19 मार्च (सोमवार), 2018 : माँ ब्रह्मचारिणी पूजन
20 मार्च (मंगलवार), 2018 : माँ चंद्रघंटा पूजन (गणगौर पूजन )
21 मार्च (बुधवार), 2018 : माँ कुष्मांडा पूजन
22 मार्च (बृहस्पतिवार ), 2018: माँ स्कंदमाता पूजन
23 मार्च (शुक्रवार ), 2018: माँ कात्यायनी पूजन
24 मार्च (शनिवार), 2018 : माँ कालरात्रि पूजन, माँ महागौरी पूजन (दुर्गा अष्टमी पूजन)
25 मार्च (रविवार ), 2018 : सिद्धिदात्री पूजन, राम नवमी

कलश की स्थापना करते समय कुछ बातों का ध्यान अवश्य रखें जैसे कि कलश पूजन के समय, पूर्व दिशा की ओर ही मूर्ति रख पूजन विधि संपन्न करें। मिटटी के घड़े में लाल कपड़ा लपेट कर उस पर पवित्र स्वास्तिक चिन्ह बनाएं।

इसके बाद कलश के अंदर सुपारी, सिक्का और आम के पत्ते रखें। नजदीक एक कटोरी और दोना रख दें।

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एक नारियल ले लें और उसे लाल कपड़े में लपेट दें तथा उसे अंत में कलश के ऊपर स्थापित कर दें। कलश स्थापना के दिन ही मां भवानी का ध्वज फहराएं जिसमें हनुमानजी अंकित हों। कहते हैं कि ध्वज में हनुमानजी का निवास शुभ होता है।

जिन घरों में पहले से ज्वारे बोने का विधान हैं वहीं इसे करें। ज्वारे बोने के नियम बहुत कठिन हैं। यदि आप इन्हें पूरी श्रद्धा से कर सकें तभी ज्वारे बोएं अन्यथा नहीं।

आइए जानते हैं नवरात्र के समय में कौन से काम नहीं करने चाहिए...

-:नवरात्रि में नौ दिन का व्रत रखने वालों को दाढ़ी-मूंछ और बाल नहीं कटवाने चाहिए। इस दौरान बच्चों का मुंडन करवाना शुभ होता है। इस दौरान खाने में प्याज, लहसुन और नॉन वेज बिल्कुल न खाएं।

-:नौ दिन का व्रत रखने वालों को काले रंग के कपड़े नहीं पहनने चाहिए। इस दौरान सिलाई-कढ़ाई जैसे काम भी वर्जित होते हैं।

-:नवरात्र के दौरान नाखून काटना भी वर्जित होता है इसलिए नवरात्र शुरू होने से पहले ही नाखून काट लेने चाहिए।

-:विष्णु पुराण के अनुसार, नवरात्रि व्रत के समय तम्बाकू चबाने और शारीरिक संबंध बनाने से भी व्रत का फल नहीं मिलता है।

-:व्रत रखने वाले लोगों को बेल्ट, चप्पल-जूते, बैग जैसी चमड़े की चीजों का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए।

-:अगर आप नवरात्रि में कलश स्थापना कर रहे हैं, माता की चौकी का आयोजन कर रहे हैं या    अखंड ज्योति जला रहे हैं तो इन दिनों घर खाली छोड़कर नहीं जाएं। पूजा घर को गंदा नहीं       रखें।

-:व्रत में नौ दिनों तक खाने में अनाज और नमक का सेवन नहीं करना चाहिए। खाने में कुट्टू          का  आटा, समारी के चावल, सिंघाड़े का आटा, साबूदाना, सेंधा नमक, फल, आलू, मेवे,           मूंगफली खा सकते हैं।

-:व्रत रखने वालों को नौ दिन तक नींबू नहीं काटना चाहिए।

-:व्रत के दौरान अगर फल खा रहे हैं तो एक बार में ही उसे खत्म कर लें, कई बार में नहीं।

-:अगर आप चालीसा या सप्तशती का पाठ कर रहे हैं तो किसी से बात करने के लिए चालीसा को बीच में ही ना रोक दें।

-:विष्णु पुराण के अनुसार, नवरात्रि व्रत के समय दिन में नहीं सोना चाहिए।

-:नवरात्र के दौरान मांसाहार और शराब इत्यादि से बिल्कुल दूर रहना चाहिए।


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