राजनीति

मोदी सरकार को झटका, NDA से बाहर हुई चंद्रबाबू नायडू की TDP

icon अमितेष युवराज सिंह | 0
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| मार्च 16 , 2018 , 09:12 IST

उपचुनावों में मिली हार के बाद बीजेपी और मोदी सरकार को एक और बड़ा झटका लगा है। आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू की पार्टी टीडीपी ने एनडीए यानी राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन से अलग होने का फैसला ले लिया है। अब टीडीपी पूरी तरह से एनडीए से अलग हो चुकी है। आंध्रप्रदेश को विशेष दर्जा ना मिलने से नाराज़ टीडीपी ने शुक्रवार सुबह ये बड़ा फैसला लिया।

यही नहीं आंध्र प्रदेश को विशेष राज्य के दर्जे के मुद्दे पर वाईएसआर कांग्रेस की ओर से शुक्रवार को संसद में लाए जाने वाले अविश्वास प्रस्ताव का भी टीडीपी ने समर्थन करने का ऐलान किया है।

आपको बता दें कि इस मुद्दे को लेकर पहले ही टीडीपी कोटे के मंत्रियों ने केंद्र सरकार से इस्तीफा दे दिया था। वहीं बीजेपी कोटे के मंत्रियों ने राज्य सरकार से अपना इस्तीफा दे दिया था।

आंध्र प्रदेश की वाईएसआर कांग्रेस सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाएगी। वाईएसआर पार्टी के 6 सांसदों ने शुक्रवार के लिए लोकसभा महासचिव को प्रस्ताव का नोटिस दिया है। मतलब साफ है कि अब टीडीपी लोकसभा में अविश्वास प्रस्ताव का समर्थन कर सकती है।

लोकसभा की तीन सीटों पर उपचुनाव के बाद बीजेपी के लिए यह एक और झटका कहा जा सकता है। वित्त मंत्री अरुण जेटली की ओर से यह कहे जाने के बाद कि आंध्र को विशेष राज्य का दर्जा दिया जाएगा तो बिहार, झारखंड और ओडिशा समेत तमाम राज्य ऐसी मांग कर सकते हैं। इसके बाद आंध्र प्रदेश के सीएम चंद्रबाबू नायडू ने केंद्र में शामिल अपने मंत्रियों से इस्तीफा देने को कहा था। यही नहीं इसके जवाब में बीजेपी ने आंध्र में अपने दो मंत्रियों के इस्तीफे सौंप दिए थे।

टीडीपी के एनडीए से बाहर आने के बाद उपचुनावों में हार के चलते घिरी बीजेपी पर अब शिवसेना और अकाली दल जैसे महत्वपूर्ण सहयोगी भी दबाव बढ़ा सकते हैं। महाराष्ट्र में बीजेपी संग सरकार में शामिल शिवसेना अकसर कहती रही है कि बीजेपी अहंकार का शिकार है और वह सहयोगी दलों को साथ लेकर नहीं चल रही।

गुरुवार को तेलगू देशम पार्टी (तेदेपा) ने कहा था कि वह आंध्र प्रदेश के हित में केंद्र में भाजपा नीत सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव का समर्थन करेगी। पार्टी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राज्य के साथ अन्याय किया है। तेदेपा प्रमुख और मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू ने राज्य विधानसभा में यह बात कही। उन्होंने अपनी प्रतिद्वंद्वी वाईएसआर कांग्रेस द्वारा नरेंद्र मोदी सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव का नोटिस देने के कुछ घंटे बाद कही। वाईएसआर कांग्रेस ने यह कदम केंद्र के आंध्र प्रदेश को विशेष राज्य का दर्जा देने से मना करने के बाद उठाया है।

जगन मोहन रेड्डी की पार्टी इसके लिए अन्य विपक्षी दलों से समर्थन भी जुटा रही है। पार्टी के सांसद जगन की ओर से लिखे गए एक पत्र को संसद के भीतर विपक्षी सांसदों के बीच बांट रहे हैं और उनसे इस प्रस्ताव का समर्थन करने की अपील कर रहे हैं। सदन में इस प्रस्ताव को पेश करने के लिए कम से कम 50 सांसदों का समर्थन जरूरी होता है।


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अमितेष युवराज सिंह

लेखक न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया में असिस्टेंट एग्जीक्यूटिव एडिटर हैं

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