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ब्रह्मपुत्र पर 1000 किमी लंबी सुरंग बनाने की बात को चीन ने किया खारिज

न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया | 0
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| अक्टूबर 31 , 2017 , 15:49 IST

चीन ने मंगलवार को एक मीडिया रिपोर्ट को गलत ठहराया जिसमें कहा गया था कि यह ब्रह्मपुत्र नदी के जलप्रवाह को अरुणाचल प्रदेश की सीमा से लगे तिब्बत से शिनजियांग की तरफ मोड़ने के लिए 1000 किमी लंबी सुरंग बना रहा है। चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता हुआ चुनयिंग ने कहा कि इस बारे में सामने आई मीडिया रिपोर्ट झूठी है। उन्होंने कहा कि चीन क्रॉस बॉर्डर रिवर कोऑपरेशन जारी रखेगा।

हांगकांग के अखबार ‘साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट’ ने कल अपनी खबर में खुलासा किया था कि वह अपने सूखे इलाके शिनजियांग को कैलिफोर्निया जैसा बनाना चाहता है। इसके लिए वह ब्रह्मपुत्र नदी के पानी को उस इलाके में ले जाना चाहता है और इसीलिए वह ये सुरंग बना रहा है।

चीन इस लंबी सुरंग को बनाने की क्षमता के परीक्षण के लिए एक छोटी सुरंग के प्रॉजेक्ट पर काम रह रहा है। चीन ने अगस्त में युन्नान प्रांत के मध्य में इस सुरंग का निर्माण शुरू किया है जो 600 किलोमीटर से ज्यादा लंबी होगी। रिपोर्ट में बताया गया है कि चीन के इंजिनियर इस सुरंग के निर्माण के जरिए उन तकनीकों का परीक्षण कर रहे हैं।

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जिनके जरिए यारलुंग जांग्बो का पानी तिब्बत से शिनजियांग तक ले जाया जाएगा। बता दें कि ब्रह्मपुत्र नदी तिब्बत से शुरू होती है और चीन में इसे यारलुंग जांग्बो कहा जाता है। यह सुरंग तिब्बत के पठार से नीचे की ओर कई जगहों पर जाएगी जो वॉटरफॉल्स से जुड़ी होगी।

गौरतलब है कि तिब्बत के पठार में चीन के प्रॉजेक्ट्स की वजह से नदी का प्रवाह प्रभावित होने को लेकर भारत पहले से चिंतित है। ब्रह्मपुत्र को डायवर्ट करने की बात को लेकर चीन के कभी सार्वजनिक तौर पर चर्चा नहीं की, क्योंकि इससे भारत के उत्तर पूर्वी हिस्से और बांग्लादेश में या तो भयंकर बाढ़ आएगी या पानी का प्रवाह बहुत कम हो जाएगा। 2013 में भारत ने ब्रह्मपुत्र पर चीन के हाइड्रो प्रॉजेक्ट्स को लेकर अपनी आपत्ति भी दर्ज कराई थी।


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