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UNSC में चीन फिर से बन सकता है मसूद अजहर का ढाल, दिए संकेत

न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया | 0
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| मार्च 13 , 2019 , 16:01 IST

जैश-ए-मोहम्मद को वैश्विक आतंकी घोषित करने पर एक बार फिर चीन अपना असली रंग दिखाने लगा है और आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद को वैश्विक आतंकी घोषित करने पर चीन बाधा डाल सकता है इस प्रकार के संकेत चीन देना शुरु कर चुका है। हालांकि ऐसा पहली बार नही हो रहा इससे पहले 2017 में भी चीन अड़ंगा लगा चुका है।

चीन ने कहा कि इस मुद्दे के लिए ऐसा समाधान चाहिए जो सभी पक्षों के अनुकूल हो। जैश-ए-मोहम्मद के सरगना मसूद अजहर को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) द्वारा वैश्विक आतंकवादी के तौर पर घोषित किए जाने के प्रस्ताव पर 24 घंटे से भी कम समय में फैसला आएगा। अजहर को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की 1267 अलकायदा प्रतिबंध समिति के तहत प्रतिबंधित करने का प्रस्ताव फ्रांस, ब्रिटेन और अमेरिका की ओर से 27 फरवरी को रखा गया था।

सूत्रों की मानें तो भारत की तरफ से UNSC में कई पुख्ता सबूत पेश किए जाएंगे। आपको बता दें कि इससे पहले भी कई बार पेश किए गए प्रस्तावों में चीन ने अपना वीटो पावर लगा इसपर अड़ंगा लगाया था। इस बार भी चीन मसूद अजहर के खिलाफ सबूत मांग रहा है। इसी जवाब में भारत की तरफ से सबूत पेश किए जा रहे हैं।

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता लु कांग ने यहां एक मीडिया ब्रीफिंग में बताया, ‘मैं यह दोहराता हूं कि चीन जिम्मेदाराना रवैया अपनाना जारी रखेगा और यूएनएससी1267 समिति के विचार-विमर्श में हिस्सा लेगा।'

चीन संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में वीटो की शक्ति रखनेवाला सदस्य है और सबकी निगाहें चीन पर हैं जो पूर्व में अजहर को संयुक्त राष्ट्र से वैश्विक आतंकवादी घोषित कराने के भारत के प्रयासों में अड़ंगा डाल चुका है। चीन इस बात पर जोर दे रहा है कि समाधान सभी को स्वीकार्य होना चाहिए।


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