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दक्षिण चीन सागर में वियतनाम ने भारत को बुलाया, भड़क गया चीन

न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया | 0
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| जनवरी 11 , 2018 , 19:48 IST

चीन ने गुरुवार को दक्षिण चीन सागर में अन्वेषण के लिए भारत को आमंत्रित करने पर वियतनाम की आलोचना की। चीन ने कहा कि बीजिंग ऐसे किसी भी तैयारी का विरोध करता है, जो उसके अधिकारों का उल्लंघन करता हो। भारत में वियतनाम के राजदूत टोन सिन्ह थान्ह ने कहा कि दक्षिण चीन सागर में उसके अपने आर्थिक क्षेत्र में तेल और प्राकृतिक गैस क्षेत्र में निवेश के लिए वियतनाम भारत का स्वागत करता है। 

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता लु कांग ने कहा,

"चीन अपने पड़ोसी प्रासंगिक देशों के सामान्य द्विपक्षीय रिश्तों के विकास पर आपत्ति नहीं जाताता है लेकिन हम प्रासंगिक पार्टियों द्वारा चीन के वैध अधिकारों का उल्लंघन और क्षेत्रीय शांति और स्थिरता को कम करने के बहाने करने का दृढ़ता से विरोध करते हैं।"

वियतनाम दक्षिण सागर पर दावा करने वालों में से एक है, जिसके 90 फीसदी हिस्से पर चीन का दावा है। फिलिपींस, ताइवान, मलेशिया और ब्रुनेई भी इस ऊर्जा संपन्न जल पर अपना अपना दावा करते हैं।

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वियतनाम के राजदूत ने कहा कि हनोई के पास भारत को आमंत्रित करने का वैध अधिकार है और वह जल में भारतीय नौसेना द्वारा पोर्ट कॉल का स्वागत करेंगे। भारत की ओएनजीसी विदेश लिमिटेड वियतनाम द्वारा नियंत्रित दक्षिण चीन सागर के 128 बेसिन में अन्वेषण में पहले से ही शामिल है। ओएनजीसी विदेश लिमिटेड, तेल और प्राकृतिक गैस कॉर्प की विदेशी शाखा है। चीन ने पहले भी विशेष ब्लॉक में भारत की उपस्थिति का विरोध किया था। 

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ONGC का विरोध करता रहा है चीन

वियतनाम का दावा है कि चीन कई सालों से साउथ चाइना सी में भारत के ऑयल एंड नेचुरल गैस कॉर्पोरेशन (ONGC) के तेल की खोज करने का विरोध करता रहा है।
वहीं भारत कहता रहा है कि ONGC कमर्शियल ऑपरेशन चलाता है। उसका किसी विवाद से लेना-देना नहीं है।
बता दें कि साउथ चाइना सी में तेल निकालना चीन-वियतनाम के लिए एक संवेदनशील मसला है। जब चीन ने वियतनाम के दावे वाले समुद्री इलाके में तेल निकालने वाले इक्विपमेंट्स भेजे थे तो वियतनाम में चीन विरोधी दंगे हो गए थे।बता दें कि साउथ चाइना सी से हर साल करोड़ों डॉलर का व्यापार होता है, लिहाजा भारत भी वहां से आने-जाने की आजादी चाहता है।

क्या है विवाद की असल वजह?

साउथ चाइना सी का लगभग 35 लाख स्क्वेयर किलोमीटर का एरिया विवादित है।
इस पर चीन, फिलीपींस, वियतनाम, मलेशिया, ताइवान और ब्रुनेई दावा करते रहे हैं।
साउथ चाइना सी में तेल और गैस के बड़े भंडार दबे हुए हैं।
अमेरिका के मुताबिक, इस इलाके में 213 अरब बैरल तेल और 900 ट्रिलियन क्यूबिक फीट नेचुरल गैस का भंडार है।
वियतनाम इस इलाके में भारत को तेल खोजने की कोशिशों में शामिल होने का न्योता दे चुका है।
इस समुद्री रास्ते से हर साल 7 ट्रिलियन डॉलर का बिजनेस होता है।

चीन ने 2013 के आखिर में एक बड़ा प्रोजेक्ट चलाकर पानी में डूबे रीफ एरिया को आर्टिफिशियल आइलैंड में बदल दिया।
अमेरिका और चीन एक दूसरे पर इस क्षेत्र को 'मिलिटराइजेशन' (सैन्यीकरण) करने का आरोप लगाते रहे हैं।

(आईएएनएस इनपुट) 


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