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आर्मी चीफ के सेना वापसी वाले बयान पर बोला चीन- डोकलाम हमारा, सेना अभी भी मौजूद

सतीश वर्मा, न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया | 0
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| जनवरी 9 , 2018 , 19:08 IST

भारत के आर्मी चीफ बिपिन रावत ने सोमवार को कहा कि डोकलाम से हमारी और चीन दोनों की आर्मी को वापस बुला लिया गया है। चीन ने सीधे तौर पर कुछ भी कहने से इनकार कर दिया। लेकिन मंगलवार को ये जरूर कहा कि चीन ने कहा कि डोंग लांग (डोकलाम) हमेशा से हमारा हिस्सा था, है और हमारे ज्यूरिसडिक्शन (अधिकार क्षेत्र) में रहेगा।

बता दें कि 16 जून को डोकलाम विवाद शुरू हुआ था। इस दौरान भारत-चीन दोनों की सेनाएं 100 मीटर तक आमने-सामने आ गई थीं। 72 दिन तक चले विवाद के बाद 28 अगस्त को मसला खत्म हो गया था।

डोकलाम में चीनी आर्मी मौजूद

चीन के विदेश मंत्रालय के स्पोक्सपर्सन लू कांग ने कहा, "हमारी बॉर्डर ट्रूप्स न केवल डोकलाम इलाके में मौजूद हैं, बल्कि वहां पैट्रोलिंग भी करती हैं। वह इलाका चीन का संप्रभु (सॉवेरिन) हिस्सा है। डोकलाम हमेशा से चीन के अधिकार क्षेत्र में रहा है। इस बारे में कोई विवाद नहीं है। कांग ने रावत के बयान पर सीधे तौर पर नहीं बताया कि डोकलाम से चीन ने सेना वापस बुलाई है या नहीं।

भारत के सीमावर्ती पूर्वी हिस्से को लेकर विवाद

कांग ने कहा कि अरुणाचल प्रदेश दरअसल साउथ तिब्बत का हिस्सा है। हम कई बार बता चुके हैं कि भारत-चीन सीमा पर स्थित एक पूर्वी इलाके को लेकर विवाद है। इसमें आपसी सहमति से ही कोई राय बनाई जा सकती है। लेकिन इसके पहले हमें इलाके में शांति और सुरक्षा बनाए रखनी है। विवाद को हल करने के लिए बाकायदा एक मैकेनिज्म तैयार किया गया है।

पिछली बार कितने दिन चला था टकराव

बता दें कि भारतीय-चीन बॉर्डर पर डोकलाम इलाके में दोनों देशों के बीच 16 जून 2017 से 28 अगस्त 2017 के बीच टकराव चला था। हालात काफी तनावपूर्ण हो गए थे। बाद में अगस्त में यह टकराव खत्म हुआ और दोनों देशों में सेनाएं वापस बुलाने पर सहमति बनी थी।

क्या था डोकलाम विवाद

डोकलाम में विवाद 16 जून को तब शुरू हुआ था, जब इंडियन ट्रूप्स ने वहां चीन के सैनिकों को सड़क बनाने से रोक दिया था। हालांकि चीन का दावा था कि वह अपने इलाके में सड़क बना रहा था। इस एरिया का भारत में नाम डोका ला है जबकि भूटान में इसे डोकलाम कहा जाता है। चीन दावा करता है कि ये उसके डोंगलांग रीजन का हिस्सा है। भारत-चीन का जम्मू-कश्मीर से लेकर अरुणाचल प्रदेश तक 3488 km लंबा बॉर्डर है। इसका 220 km हिस्सा सिक्किम में आता है।


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