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चीन की नई चाल, भारत पर लगातार नजर रखने के लिए तैयार किया नया Radar

विवेक यादव | 0
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| जनवरी 9 , 2019 , 19:18 IST

चीन अक्सर भारत को लेकर कूटनीतियां अपनाते रहता है और कुछ समय पहले भारत से सटे तिब्बत में चीन ने हल्के युद्धक टैंकों को तैनात किया था यहां तक कि बीते दिनों हमने आपको बताया था कि भारत से सटे तिब्बत बॉर्डर पर होवित्जर तोपों को भी चीन ने तैनात कर दिया है। और अब एक और बड़ी खबर आ रही है कि चीन ने पूरे भारत पर नजर रखने के लिए नयी रेडार विकसित किया है।

चीनी सेना को यह नया टेक्नॉलजी दुश्मन से आते खतरे को पहले ही अलर्ट कर देगा

चीन ने कॉम्पैक्ट साइज के एक आधुनिक समुद्री रेडार को विकसित किया है जो पूरे भारत पर लगातार नजर रख सकता है। इस नए रेडार की छमता इतनी अधिक है कि वह किसी छोटे-मोटे हिस्से की नहीं बल्कि भारत के आकार के बराबर इलाके की लगातार निगरानी कर सकता है। बुधवार को मीडिया रिपोर्ट में दावा किया गया है कि घरेलू स्तर पर विकसित किए गए इस रेडार सिस्टम के जरिए चीन की नौसेना देश के समुद्री इलाकों पर पूरी तरह से नजर रख सकेगी। इसके साथ ही यह सिस्टम मौजूदा टेक्नॉलजी की तुलना में दुश्मन के जहाजों, विमानों और मिसाइलों से आते खतरे को लेकर काफी पहले ही फौज को अलर्ट कर देगा।

मीडिया में आ रही खबरों की माने तो चाइनीज अकैडमी ऑफ साइंसेज (CAS) के शिक्षाविद लियू योंगतान को चीन के रेडार टेक्नॉलजी को अपग्रेड करने का श्रेय दिया जाता है। चाइनीज अकैडमी ऑफ इंजिनियरिंग का भी इसमें अहम योगदान है।

इस रेडार की खासियत..

इस आधुनिक कॉम्पैक्ट साइज के रेडार की सबसे बड़ी खासियत है कि PLA नेवी के विमानवाहक बेड़े में तैनाती के बाद यह किसी एक हिस्से की नहीं बल्कि भारत के आकार के इलाके पर लगातार निगरानी कर सकता है। चीन के लिए यह रेडार कितना महत्वपूर्ण है, इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि राष्ट्रपति ने इस रेडार को विकसित करने के लिए लियू योंगतान और एक अन्य मिलिट्री साइंटिस्ट कियान क्विहू को विज्ञान के क्षेत्र में दिए जाने वाले देश के सबसे बड़े पुरस्कार से सम्मानित किया। कियान को देश की मॉडर्न डिफेंस इंजिनियरिंग के लिए सैद्धांतिक प्रणाली तैयार करने के लिए सम्मान से नवाजा गया। उन्होंने अंडरग्राउंड न्यूक्लियर शेल्टर फसिलटीज तैयार करने में भी बड़ी भूमिका निभाई।

इस रेडार की बदौलत चीन आर्मी की बढ़ेगी ताकत

लियू का कहना है कि शिप-बेस्ड OTH रेडार ने पीपल्स लिबरेशन आर्मी को पहले की तुलना में ज्यादा बड़े क्षेत्र की निगरानी करने में समक्ष बना दिया है। उन्होंने आगे कहा कि, 'पारंपरिक तकनीकों की मदद से हमारे समुद्री क्षेत्र के करीब 20 प्रतिशत भाग की ही निगरानी हो पाती थी। नई प्रणाली पूरे क्षेत्र पर नजर रखेगी।' लियू की टीम के एक वरिष्ठ मेंबर ने बताया कि समंदर में इस रेडार की बदौलत खासतौर से दक्षिण चीन सागर, हिंद महासागर और प्रशांत महासागर में चीनी नेवी की जानकारी इकठ्ठा करने की क्षमताओं में इजाफा होगा।

चीन ने दो विमानवाहक पोत बना लिए हैं और तीसरा पाइपलाइन में है

एक रिपोर्ट के मुताबिक चीन ने एक विशालकाय ऐंटेना भी बना लिया है। चीन की सेना का बजट बढ़कर अब सालाना 175 अरब डॉलर हो गया है और सेना अपने रक्षा उपकरणों पर फोकस कर रही है। चीन की नजर अमेरिका से मिलती चुनौतियों पर है। उसने दो विमानवाहक पोत बना लिए हैं और तीसरा पाइपलाइन में है।

गौरतलब हो कि हाल ही में चीन ने भारत सीमा से सटे तिब्बत में सैन्य क्षमता को बढ़ाने के लिए मोबाइल होवित्जर तोपों की तैनाती की है। इन तोपों को खासतौर पर सीमा की सुरक्षा को पुख्ता करने के लिए लगाया गया है। होवित्जर तोपें 50 किलोमीटर से ज्यादा की रेंज तक मार कर सकती है और तिब्बत के अधिक ऊंचाई वाले इलाकों में ताकत मिलेगी।


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