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अगर CBI लाए सबूत तो ऐसी कार्रवाई करेंगे कि पछताएंगे कोलकाता पुलिस कमिश्नर: CJI

न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया | 0
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| फरवरी 4 , 2019 , 11:32 IST

कोलकाता में चल रहे सियासी ड्रामे को लेकर केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) सुप्रीम कोर्ट में पहुंची जिसमें सुप्रीम कोर्ट ने कोलकाता पुलिस कमिश्नर राजीव कुमार के खिलाफ तुरंत सुनवाई से मना कर दिया है। सुप्रीम कोर्ट अब मंगलवार को सुनवाई करेगा। सीबीआई ने याचिका में कोर्ट से निवेदन किया था कि वह राजीव कुमार को जांच में सहयोग करने का निर्देश दें। साथ ही सीबीआई ने राजीव कुमार पर अबतक हुई इन्वेस्टिगेशन में साथ न देने का आरोप भी लगाया है।

सुप्रीम कोर्ट ने सीबीआई से कहा है कि वह पहले सबूत पेश करें, अगर कमिश्नर के खिलाफ सबूत हैं और वो दोषी हैं तो उनपर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

सीबीआई द्वारा राजीव कुमार पर सबूत नष्ट करने का भी आरोप लगाया गया है। इस पर CJI ने कहा, 'अगर कोलकाता पुलिस कमिश्नर ने सबूत नष्ट करने की कोशिश की है, तो उससे जुड़े साक्ष्य हमारे सामने लाए जाएं, इसपर ऐसी कार्रवाई होगी कि उन्हें पछताना पड़ेगा।'

बता दें कि अपनी याचिका में सीबीआई ने कहा था कि कोलकाता पुलिस कमिश्नर राजीव कुमार को कई बार समन किया गया था, लेकिन उनकी तरफ से जांच में कोई सहयोग नहीं किया जा रहा था और वह इन्वेस्टिगेशन में बाधाएं भी पैदा कर रहे थे। सीबीआई ने अपनी याचिका में लिखा है कि पश्चिम बंगाल सरकार और पुलिस उनकी जांच में सहयोग नहीं कर रही है. उन्होंने ये भी दावा किया है कि दोनों ही सुप्रीम कोर्ट के आदेश की अवमानना कर रहे हैं।

कोलकाता में पक रही है सियासी खिचड़ी-:

ममता ने कहा, "मुझे दुख है कि राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल एजेंसी को निर्देश दे रहे हैं। वह उसे लागू कर रहे हैं, जो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कह रहे हैं। उन्हें जनता को बताना चाहिए कि यह सही नहीं है।"

ममता की यह प्रतिक्रिया ऐसे समय में आई है, जब इसके पहले लाउडन स्ट्रीट स्थित कोलकाता के पुलिस आयुक्त राजीव कुमार के सरकारी आवास के बाहर शाम को भारी ड्रामा देखने को मिला। सीबीआई अधिकारियों के एक समूह को शहर के पुलिसकर्मियों ने कुमार के आवास में घुसने से रोक दिया।

कोलकाता के पुलिसकर्मियों ने संघीय जांच एजेंसी के अधिकारियों को कई गाड़ियों में भरकर एक पुलिस थाने भी ले गए। ममता ने कहा, "मैं देश के संघीय ढांचे को बचाने के लिए (शहर के मध्य) धरमतला में धरना शुरू करूंगी।" इसके कुछ मिनट बाद ममता धरने पर बैठ गईं।

यह धरना कोलकाता के मेट्रो चैनल के पास चल रहा है। ममता धरनास्थल पर ही कैबिनेट मीटिंग बुला सकती हैं। CBI इस मामले को लेकर सुप्रीम कोर्ट जाएगी, जहां पश्चिम बंगाल सरकार अपना पक्ष रखेगी। वहीं ममता के इस धरने का कई विपक्षी पार्टियों का समर्थन भी मिला है।


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