राजनीति

कांग्रेस का सवाल- क्यों जस्टिस लोया की मौत की जांच से डरी है बीजेपी?

न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया | 0
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| जनवरी 15 , 2018 , 19:40 IST

कांग्रेस ने जस्टिस लोया की मौत पर राजनीति करने के आरोपों को नकारते हुए कहा कि इस संवदेनशील मामले की जांच होनी चाहिए क्योंकि यह लोकतंत्र के लिए जरूरी है। सोमवार को प्रेस कान्फ्रेंस करते हुए कांग्रेस प्रवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा 'हम जज लोया की मौत को राजनीतिक मुद्दा नहीं बना रहे हैं। अगर कोई मामला लोकतंत्र के एक हिस्से पर चोट करता है तो ऐसे मामले की जांच होनी चाहिए या नहीं यह लोया परिवार पर निर्भर नहीं करता क्योंकि लोकतंत्र को बचाने के लिए यह जरूरी है।

कांग्रेस ने जस्टिस लोया की मौत की जांच की मांग की थी

बता दें कि इससे पहले कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने भी एक दिन पहले प्रेस कॉन्फ्रेंस कर जस्टिस लोया की मौत की जांच की मांग की थी। गौरतलब है कि जज लोया 1 दिसंबर, 2014 को नागपुर में अपने सहकर्मी की बेटी की शादी में शामिल होने गए थे। वहीं उनकी संदिग्ध हालत में मौत हुई थी। यह मामला तब सुर्खियों में आया जब पिछले साल नवंबर में लोया की बहन ने इसे सोहराबुद्दीन केस से जोड़ते हुए उनकी मौत की परिस्थितियों पर शक जाहिर किया। वहीं कांग्रेस की प्रेस कान्फ्रेंस पर भाजपा ने भी पलटवार कर दिया है। भाजपा प्रवक्ता संबित पात्रा ने कहा कि जो मामला न्यायालय में विचाराधीन है और कल सुप्रीम कोर्ट में उस पर सुनवाई होनी है उस मुद्दे को लेकर प्रेस कान्फ्रेंस करने का सीधा अर्थ है कि कांग्रेस को न्यायिक व्यवस्‍था में विश्वास नहीं है और वो कोर्ट को दबाव में लेना चाहती है।

क्यों जस्टिस लोया की मौत की जांच से डरी है बीजेपी, आखिर क्या है पूरा मामला

जस्टिस लोया 26 नवंबर 2005 को कथित फर्जी मुठभेड़ में मारे गए सोहराबुद्दी सेख मामले की सुनवाई कर रहे थे। सीबीआई के मुताबिक सोहराबुद्दीन सेख और उनकी पत्नी कौसर बी को गुजरात एटीएस ने हैदराबाद से महाराष्ट्र के सांगली जाते वक्त अगवा कर लिया था। 2005 में गांधीनगर के पास उनका फर्जी एनकाउंटर कर दिया गया। पाकिस्तान के आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैय्यबा से सोहराबुद्दीन के तार जुड़े होने की बात कही गई थी। सोहराबुद्दीन के एनकाउंटर के वक्त अमिशाह गुजरात के गृहमंत्री थे। 2012 में शीर्ष अदालत ने मामले को महाराष्ट्र की ट्रायल कोर्ट में ट्रांस्फर कर दिया था। 2014 में मामले की सुनवाई कर रहे जज जेटी उत्पत का अचानक तबादला हो गया था और उसके बाद जस्टिस लोया मामले की सुनवाई कर रहे थे।

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सोहराबुद्दीन एनकाउंटर केस में बरी हुए हैं अमित शाह 

इस केस में बीजेपी के अध्यक्ष अमित शाह, राजस्थान के गृहमंत्री गुलाबचंद कटारिया, राजस्थान के कारोबारी विमल पाटनी, गुजरात पुलिस के पूर्व चीफ पीसी पांडे, एडीजीपी गीता जौहरी, गुजरात पुलिस के ऑफिसर अभय चूडासम्मा और एनके अमीन बरी हो चुके हैं। फिलहाल पुलिस अधिकारियों समेत 23 आरोपियों के खिलाफ मामले की जांच चल रही है।


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